
खोथांवाली में ‘प्राक् लोकमंथन यात्रा–2026’ का भव्य समापन: लोक गाथा व साहित्य प्रदर्शनी में उमड़े दर्शक, स्वामी केशवानंद सहित अंचल के साहित्यकारों की कृतियां बनीं आकर्षण का केंद्र
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पीलीबंगा। क्षेत्र के गांव खोथांवाली में ‘प्राक् लोकमंथन यात्रा–2026’ के तहत आयोजित भव्य लोक गाथा एवं साहित्य प्रदर्शनी का विधिवत व सफल समापन हुआ। यह आयोजन भारतीय लोकजीवन, लोकदेवताओं, लोक संस्कृति और क्षेत्र की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुंचाने में पूर्णतः सफल रहा। प्रदर्शनी के दौरान ग्रामीण परिवेश में सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शक अपनी माटी के गौरव से अभिभूत नजर आए। विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों में अपनी जड़ों को जानने को लेकर जबर्दस्त उत्साह देखा गया।
प्रदर्शनी में हनुमानगढ़ जिले की समृद्ध साहित्यिक धरोहर को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया था। इसमें महान समाज सुधारक व शिक्षा संत स्वामी केशवानंद जी की प्रेरक जीवनी और साहित्य के साथ-साथ राजस्थानी भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार ओम पुरोहित 'कागद', चंद्रसिंह बिरकाली, रानी लक्ष्मीकुमारी चूंडावत सहित अंचल के अन्य गणमान्य रचनाकारों की पुस्तकें विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। दर्शकों ने दुर्लभ ग्रंथों और लोक गाथाओं से जुड़े संकलनों का गहराई से अवलोकन किया।
समारोह में बीकानेर संभाग प्रमुख महावीर प्रसाद पूनियां और प्रदेश संयुक्त मंत्री ओम भार्गव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। ओम भार्गव ने प्रदर्शनी के प्रत्येक भाग का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए आयोजन समिति के प्रयासों को सराहा और इसे एक शानदार व अभूतपूर्व सांस्कृतिक अनुष्ठान बताया।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के जिला अध्यक्ष लालचंद कोचर एवं उपाध्यक्ष श्याम मिढ़ा ने संबोधित करते हुए जिले की लोक संस्कृति को वैचारिक चेतना से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में भावी पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से जोड़े रखने के लिए ऐसे आयोजनों का निरंतर होना अत्यंत आवश्यक है।
इस वृहद आयोजन को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने में साहित्य परिषद के उदय पाल प्रजापत, गुरदीप सोहल, अनिल अबुझ, सूर्य प्रकाश जोशी, अशोक गुप्ता, सुगंधा बहल, कंचन नागपाल, नीता अग्रवाल, अमन मंगल और बृजेश योगी का उल्लेखनीय व सराहनीय योगदान रहा।