
नवीन डिजाइनों के जरिए हस्तशिल्प को मिलेगा प्रोत्साहन
हॉलमार्क,पेटेंट एवं जी आई टैग दिलाने के लिए जिला प्रशासन मदद करेगा l
भौतिक विज्ञान पर आधारित खिलौने देखकर जिला कलक्टर ने की सराहना l
देर शाम तक हस्तशिल्पियों से रूबरू हुए जिला कलक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी l
बाड़मेर,21 अगस्त l जिला प्रशासन हस्तशिल्पियों को
नवीन डिजाइनों के साथ वृहद स्तर पर मार्केट उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य करेगा l जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार ने गुरुवार देर शाम तक पट्टू एवं कपड़ा निर्माण करने वाले हस्तशिल्पियों से रूबरू होकर उनका यथासंभव सहयोग का भरोसा दिलाया l उन्होंने कहा कि अब उनके काम की पहचान के साथ उसकी वास्तविक कीमत मिले, इस दिशा में वृहद स्तर पर प्रयास किए जाएंगे l
जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल,मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार,उद्योग एवं वाणिज्य अधिकारी सही राम एवं इंटेक चैप्टर के यशोवर्धन शर्मा ने गुरुवार रात्रि में भी कई ग्रामीणों के घर पहुंचकर उनकी हस्तशिल्प कला को नजदीक से जाना l नेशनल अवार्डी वरिंगाराम और अन्नाराम के परिवार से मुलाकात कर पटटू बनाने की प्रक्रिया की जानकारी ली। मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार ने पट्टू निर्माण की प्रक्रिया को बहुत नजदीक से देखा और स्वयं दस्तकार के तौर पर कुछ देर तक बुनाई का कार्य भी किया। उनकी इस भागीदारी से ग्रामीण कारीगर काफी उत्साहित हुए। ग्रामीणों ने बताया कि पटलूम पर मुख्य रूप से पारंपरिक पटटू बनाया जाता है, जबकि फ्रेम लूम पर विभिन्न प्रकार के कपड़ों की बुनाई होती है। चांदाराम ने एप्लिक वर्क वाले कुशन कवर और अन्य आकर्षक उत्पादों के बारे में जानकारी दी। शंकरलाल सुथार के घर पर लकड़ी की नक्काशी के साथ-साथ भौतिक विज्ञान पर आधारित खिलौने भी दिखाए गए। इन वैज्ञानिक सोच वाले खिलौनों को देखकर जिला कलक्टर चिन्मयी गोपाल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार अभिभूत हो गए। जिला प्रशासन की टीम ने देर रात तक ग्रामीणों से हस्तशिल्प उत्पादों एवं मार्केट की संभावना के बारे विस्तार से जानकारी एकत्र की। जिला कलक्टर ने पट्टू एवं कपड़े के मौजूदा डिजाइन के साथ हॉलमार्क, जीआई टैग तथा पेटेंट दिलाने में जिला प्रशासन की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्पियों को बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादों के निर्माण के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के लिए वृहद स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीण कारीगर जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल से बेहद खुश नजर आए। उन्होंने अधिकारियों के घर-घर पहुंचकर उनकी कला को समझने और सहयोग का भरोसा दिलाने की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह दौरा स्थानीय हस्तशिल्प कला को संरक्षण देने, कारीगरों को नई पहचान दिलाने और उनकी आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित होगा।
Barmer, Barmer | Aug 21, 2026