
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में मर्डर की साजिश कत्ल से 23 दिन पहले रची गयी थी. यह संभावना है.
गोगी गैंग से सरगना भोलू शाहपुरिया के पिता की 26 जुलाई-2026 को मौत हो गयी थी. उनकी तेरहवीं 3 अगस्त 2026 को थी. तेरहवीं में भोलू शाहपुरिया तो शामिल नही हुआ लेकिन उसके सगे भाई पोलू के साथ अंकित के शूटर आर्यन और सत्यम की मीटिंग हुई थी.
आर्यन और सत्यम तेरहवीं में बाइक से पहुंचे थे. इसके बाद कुचक्र आगे बढ़ा. इस साजिश में मोहित और सुमित भी शामिल किये गये.
अंकित के मर्डर केस में सबसे बड़ा किरदार आर्यन सिन्धू है. आर्यन, भोलू शाहपुरिया का करीबी रिश्तेदार है. भोलू की रिश्तेदारी जेल में बंद गैंगस्टर राकेश पंपू है. भोलू, पंपू की बहिन के जेठ का लड़का है.. यानी भांजा. सोचिये, कितना यकीन रहा होगा आपस में, इसीलिए यह टास्क किसी बाहरी शख्स को नही, आर्यन को दिया गया.
आर्यन और सत्यम ने इस मर्डर के लिए फुलप्रूफ तैयारी की थी. कत्ल से पहले अपने सारे आईडी बंद किये. यहां तक कि अपना मोबाइल नंबर भी बंद किया. नया सिम खरीदा, सिम खरीदने के साढ़े 3 घंटे बाद कत्ल को अंजाम दिया और फिर आधी रात से पहले उस सिम को बंद करके फरार हो गये. आज तक कोई नही जानता वह कहां है!
सुमित और मोहित अंकित हत्याकांड के शूटर जरूर थे लेकिन उनकी तैयारी फुलप्रूफ नही थी. अगर वह आर्यन और सत्यम के लिए महत्वपूर्ण रहे होते तो कत्ल के बाद वह बस के बजाय आर्यन और सत्यम के साथ सफर कर रहे होते.
सोचिये! वह इतने बड़े नौसिखिये थे कि कत्ल के बाद उनकी लोकेशन पुलिस को हासिल हुई और पुलिस उनका पीछा करके हुए उन्हें मौत के कगार तक लेकर आयी, वह पकड़े गये और ढेर कर दिये गये.
अब सवाल है कि एक-एक लाख के ईनामी होने के बाद भी आर्यन, सत्यम और भोलू शाहपुरिया पुलिस के हत्थे क्यों नही चढ़े! रिकॉर्ड बताता है कि अपने पिता के मरने के बाद तेरहवीं तक में भोलू शामिल नही हुआ. जाहिर है उसे पुलिस से खतरा था, शायद अपने दुश्मनों से भी खतरा रहा होगा. तभी तो बाप के मरने पर भी भोलू उनकी लाश पर आंसू बहाने नही आया. फिर वह गया कहां?
क्या भोलू देश में है? शायद है भी या नही. विदेश में बैठा भोलू का गुर्गा पोस्ट पर पोस्ट किये जा रहा है. हर बार नया ID बनाता है और पुलिस उसे बंद कराती है.
सूत्र बताते है कि शूटर्स ने कत्ल के बाद विदेश में इसी गुर्गे के जरिये भोलू तक प्रोजेक्ट की कामयाबी की खबर पहुंचाई थी. अब अंकित का परिवार कह रहा है कि यकीन टूट रहा है. महापंचायत की तैयारी है.
📍शामली, उत्तर प्रदेश
Baghpat, Bagpat | Sep 11, 2026