आप लोग इस तरह का दृश्य कहीं ना कहीं सड़कों पर जरूर देखा होगा, जहां छोटे-छोटे बच्चे एक से बढ़कर एक सर्कस जैसे करतब दिखाते हैं, जहां इन बच्चों को अभी पढ़ना लिखना और खेलना चाहिए, इस उम्र में यह बच्चे इस तरह के खतरनाक खेल दिखाकर किसी तरह अपना पेट भरते हैं, जबकि ऐसे बच्चों के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं और विभाग बनाए गए हैं और अधिकारियों को बिठाया गया है, ताकि ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उनको बेहतर सुविधा पढ़ाई लिखाई और रहने की व्यवस्था करना है, लेकिन यह पदाधिकारी सिर्फ नाम के पदाधिकारी है, जमीनी हकीकत तो यह है कि उनके द्वारा ऐसा कोई काम नहीं किया जाता ऐसे बच्चों के लिए,