
अमेरिका में भारतीय मूल के बच्चों को लेके एक नया बवाल खड़ा हुआ है!
पिछले हफ़्ते हुए टेक्सास के यूनिवर्सिटी के एक मैच के दौरान भारत वंशी बच्चों की संख्या देख अमेरिका में खड़ा बवाल उत्पन्न हो गया। इतने सारे बच्चे देख लोग सवाल कर रहे है कि आखिर एक राज्य के डेमोग्राफिक्स और एक यूनिवर्सिटी में भारतीय मूल के इतने बच्चे कैसे आ गए?
आज से मात्र दस वर्ष पहले इस यूनिवर्सिटी में नौ प्रतिशत भारतीय मूल के स्टूडेंट्स थे। आज २७ प्रतिशत भारतीय मूल के बच्चे है। टेक्सस वो राज्य है जिधर भारतीय लोगों की सर्वाधिक उपस्थिति है- ख़ास तौर पे दक्षिण भारतीय लोगों की। इस यूनिवर्सिटी की नियमावली कहती है- इधर के अधिकांश स्टूडेंट वही होंगे जो राज्य के बाशिंदे होंगे।
स्वाभाविक है- टेक्सास में भारतीय लोगों की बढ़ती संख्या के चलते ये स्टूडेंट्स इतनी संख्या में है। और इसी से लोगों की भृकुटि टेढ़ी हो रही है!
अब कुछ ग्राउंड लेवल की बातें भी जानिये जो किसी अखबार या मीडिया में नहीं मिलेंगी!
मेरी जान पहचान में नब्बे प्रतिशत भारतीय बच्चे इधर मेडिकल में पढ़ रहे है। सुपर टैलेंटेड भी ना सही- औसत बुद्धि से ऊपर का भारतीय मूल का बच्चा मेडिकल स्ट्रीम में दाखिला ले चुका होगा। ये पढ़ाई ना केवल महंगी है बल्कि इसमें दाखिला लेने हेतु अच्छे नंबर आने चाहिए।
अमेरिका में मेडिकल के एडमिशन भारत की तरह पेचीदे और कम्पेटिटिव नहीं है। ना कोई आरक्षण और ना गला काटूँ स्पर्धा। तो बच्चे का यदि मेडिकल पढ़ने का मन है तो बड़ी आसानी से दाखिला मिल सकता है यदि अस्सी नब्बे प्रतिशत अंक भी ले आए तो।
रही बात पढ़ाई की क़ीमत की- तो भारतीय पेरेंट्स इस मामले में अमेरिकी पैरेंट्स से बहुत आगे है। भारतीय माँ बाप अपने बच्चे की पढ़ाई का खर्चा भी उठायेंगे और उसके रहने खाने पीने का भी ! दूसरी तरफ़ अमेरिकी बच्चे को अपनी पढ़ाई हेतु मंहगा लोन लेना पड़ेगा, रहने खाने पीने का खर्चा भी ख़ुद उठाना होगा।
और यही वो पड़ाव है जिधर भारतीय बच्चा बाज़ी मार ले जाता है। ना पढ़ाई की क़ीमत का बोझ और ना रहने खाने पीने की चिंता- सब माँ पिता की ज़िम्मेदारी। उसे केवल पढ़ाई करनी है जो वो करता है और जीवन में आगे बढ़ता है।
आज अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टरों की बढ़ती संख्या में यही मुख्य कारण है। आने वाले दस सालों में भारतीय डॉक्टरों की संख्या और बढ़ेगी और ये डॉक्टर टेंशन फ्री होके मार्केट में आयेंगे।
जान पहचान में ऐसे भी मित्र है जो बच्चे की उच्च शिक्षा हेतु ना केवल घर बेच देते है , बच्चे के कॉलेज के पास रहते है, उसके लिए खाना बनाते है, उसकी देखरेख करते है, बल्कि उसके विवाह तक उसे छोटा बालक समझते है!
भारतीय माँ पिता से अधिक जिम्मेदार पेरेंट्स दुनिया में और कोई नहीं है- यही शाश्वत सत्य है। भारतीय माँ पिता वो सुरक्षा कवच है जो दुनिया में किसी और मूल के बच्चे को नहीं मिल सकता!