
ऊपर आसमान में घूम रहे सैटेलाइट्स पर नजर रखने के लिए अब एक नया “निगरानी सिस्टम” अंतरिक्ष में जाने वाला है।
खास बात यह है कि ये सैटेलाइट जमीन को नहीं, बल्कि दूसरे सैटेलाइट्स को देखने के लिए बनाए जा रहे हैं।
अमेरिकी कंपनी एस्ट्रानिस ने “परसेप्टर” नाम के नए अंतरिक्ष यान पेश किए हैं। इनका काम खास तौर पर जियोस्टेशनरी ऑर्बिट यानी पृथ्वी से करीब 35,786 किलोमीटर ऊपर मौजूद सैटेलाइट्स की गतिविधियों पर नजर रखना है।
इस ऊंचाई पर संचार, मौसम और सुरक्षा से जुड़े कई बेहद जरूरी सैटेलाइट काम करते हैं। लेकिन इतनी दूर मौजूद किसी दूसरे सैटेलाइट को लगातार ट्रैक करना आसान नहीं है।
यहीं परसेप्टर की असली भूमिका शुरू होती है। इसमें खास सेंसर लगाए जाएंगे, जिनसे यह दूसरे अंतरिक्ष यानों को देखकर उनकी स्थिति और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा सकेगा। यह सिर्फ दूर से देखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अलग-अलग कोणों से फ्लाई-बाय करके किसी सैटेलाइट का ज्यादा करीब से निरीक्षण भी कर सकेगा।
सबसे दिलचस्प हिस्सा इसकी मूवमेंट क्षमता है। परसेप्टर में इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन होगा, जिसकी मदद से यह जियोस्टेशनरी ऑर्बिट के बड़े हिस्से में अपनी जगह बदल सकेगा और मिशन के दौरान कई बार दोबारा पोजीशन ले सकेगा।
इसका मतलब यह हुआ कि अगर किसी सैटेलाइट के पास अचानक कोई अनजान वस्तु पहुंचती है, तो परसेप्टर वहां जाकर स्थिति को समझने में मदद कर सकता है।
एक से ज्यादा परसेप्टर साथ काम करें तो किसी सैटेलाइट को कई दिशाओं से देखने की क्षमता भी बढ़ सकती है। इससे अंतरिक्ष में क्या हो रहा है, इसकी बेहतर तस्वीर मिल सकती है।
फिलहाल परसेप्टर विकास के चरण में है और इसकी लॉन्च तारीख घोषित नहीं हुई है। लेकिन यह साफ संकेत है कि भविष्य में अंतरिक्ष सुरक्षा का मतलब सिर्फ अपने सैटेलाइट भेजना नहीं होगा, बल्कि यह जानना भी होगा कि उनके आसपास कौन मौजूद है।
क्या आने वाले समय में अंतरिक्ष में निगरानी सैटेलाइट्स की संख्या खुद सैटेलाइट्स जितनी जरूरी हो जाएगी?
ओरिजन सोर्स: एस्ट्रानिस की आधिकारिक घोषणा
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Bihar, India | Sep 11, 2026