
बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने 10 दिनों के लिए स्थगित किया आंदोलन, स्वास्थ्य विभाग से वार्ता के बाद लिया फैसला
पटना। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ और स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों के बीच सोमवार को सौहार्दपूर्ण माहौल में वार्ता हुई। वार्ता के दौरान संघ की प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जबकि अन्य मांगों पर विभाग की ओर से सकारात्मक विचार करते हुए जल्द समाधान का ठोस आश्वासन दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई वार्ता के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने अपने जारी आंदोलन को तत्काल प्रभाव से 10 दिनों के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया है। संघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस अवधि में सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मांगों के संबंध में ठोस निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 10 दिनों के भीतर मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो परिस्थितियों के अनुसार बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ को ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार करने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। संघ ने इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार की होने की बात कही है।
संघ ने कहा कि चिकित्सकों के मान-सम्मान, गरिमा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत मांगों के क्रियान्वयन पर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है।
वहीं, बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने अपने सभी चिकित्सकों और सदस्यों से अपील की है कि वे पूर्व की तरह पूरी निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने कार्य पर लौटें और जनहित में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. कैप्टन संजीव कुमार झा और महासचिव डॉ. रोहित कुमार ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। प्रेस विज्ञप्ति की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के सचिव को भी भेजी गई है।