
डिप्टी सीएम के गृह जनपद में स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल, आरटीआई के जवाब और जमीनी हकीकत में अंतर का गंभीर आरोप
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई के संरक्षण में चल रहा पूरा काला कारोबार
#हरदोई प्रदेश के #उपमुख्यमंत्री एवं #स्वास्थ्य #मंत्री #बृजेश #पाठक के गृह #जनपद हरदोई के #विकास #खंड #कछौना क्षेत्र में #अस्पतालों, #क्लीनिकों, #अल्ट्रासाउंड #सेंटरों और #पैथोलॉजी #लैब के #संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना का अधिकार #अधिनियम-2005 के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में #कार्यालय #मुख्य #चिकित्सा #अधिकारी, हरदोई द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची और क्षेत्र में संचालित संस्थानों की वास्तविक संख्या में बड़ा अंतर होने का आरोप लगाया जा रहा है।
#आरटीआई #आवेदनकर्ता द्वारा #कार्यालय #मुख्य_चिकित्सा_अधिकारी, हरदोई से #विकास_खण्ड_कछौना #क्षेत्र में #संचालित #अस्पताल, #क्लीनिक, #अल्ट्रासाउंड_सेंटर और पैथोलॉजी से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इसके जवाब में सीएमओ कार्यालय हरदोई के #नोडल #अधिकारी/#पंजीकरण की ओर से पत्र जारी कर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर संस्थानों का विवरण दिया गया।
आरटीआई के जवाब में 2 अल्ट्रासाउंड/पैथोलॉजी संस्थानों तथा 9 अस्पताल/क्लीनिकों का विवरण उपलब्ध कराया गया है। यानी उपलब्ध सूची में कुल 11 संस्थानों का उल्लेख सामने आया है। लेकिन स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि विकास खण्ड कछौना क्षेत्र में वास्तविक रूप से इससे कहीं अधिक अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी और अन्य स्वास्थ्य संस्थान संचालित हो रहे हैं।
यहीं से सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि आखिर आरटीआई में उपलब्ध कराई गई सूची सीमित क्यों है, जबकि क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संस्थान संचालित होने के दावे किए जा रहे हैं? क्या सभी संस्थान विभाग के अभिलेखों में दर्ज हैं और वैध पंजीकरण के साथ संचालित हो रहे हैं, या फिर बिना अनुमति एवं मानकों के संचालन का मामला है?
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि इसका पूरा काला कालोबार मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई के संरक्षण में चल रहा है अधिकारियों की प्रभावी निगरानी न होने से क्षेत्र में कथित रूप से कई संस्थान धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई से निष्पक्ष जांच कराकर विकास खण्ड कछौना क्षेत्र में संचालित सभी अस्पतालों, क्लीनिकों, अल्ट्रासाउंड सेंटरों और पैथोलॉजी लैब की सूची, पंजीकरण और मानकों की जांच सार्वजनिक किए जाने की मांग उठाई गई है।
अब देखना होगा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरदोई द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और मौके की वास्तविक स्थिति के बीच बताए जा रहे अंतर की जांच कर क्या कार्रवाई करता है।
जो काल के गर्त में हैं।
Sadar, Lucknow | Aug 20, 2026