
खरीफ 2026 हेतु उर्वरकों की उपलब्धता एवं वैकल्पिक उर्वरक उपयोग संबंधी कृषक सलाह
-
कृषक बलराम एप एवं ई-विकास पोर्टल से ई-टोकन जारी करा कर उर्वरकों का अग्रिम उठाव कर सकते हैं
उप संचालक कृषि श्री मनोज कश्यप द्वारा जिले के कृषकों को सूचित किया गया है कि खरीफ 2026 की प्रमुख फसलों जैसे मूंगफली, सोयाबीन, उड़द, मूंग, तिल एवं अन्य खरीफ फसलों के लिए आवश्यक उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा जिले में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि जिला विपणन केन्द्र में यूरिया 1535 मै.टन, डी.ए.पी. 1915 मै.टन, एन.पी.के. 1258 मै.टन, एस.एस.पी. 232 मै.टन एवं पोटाश 164 मै.टन, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में यूरिया 88.5 मै.टन, डी.ए.पी. 933.25 मै.टन, एन.पी.के. 30.0 मै.टन, एस.एस.पी. 73.80 मै.टन निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास यूरिया 2212 मै.टन, डी.ए.पी. 763 मै.टन, एन.पी.के. 1635.45 मै.टन, एस.एस.पी. 1370 मै.टन एवं पोटाश 237.75 मै.टन उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि कृषक अपनी आवश्यकता अनुसार यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी (पोटाश), एसएसपी आदि उर्वरकों का क्रय सहकारी समितियों, कृषक समृद्धि केन्द्र, एम.पी.एग्रो केन्द्रों एवं अधिकृत निजी विक्रेताओं से बलराम एप एवं ई-विकास पोर्टल से ई-टोकन जारी करा कर अग्रिम उठाव कर सकते हैं, जिससे उन्हें खरीफ सीजन में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पडे़।
कृषकों को सलाह दी गई है कि वे संतुलित उर्वरक उपयोग अपनाएं एवं मिट्टी परीक्षण की अनुशंसा के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करें। मूंगफली एवं तिलहन फसलों में एसएसपी का उपयोग विशेष लाभकारी है, क्योंकि इससे फास्फोरस के साथ-साथ सल्फर एवं कैल्शियम भी प्राप्त होता है। दलहन एवं तिलहन फसलों में डी.ए.पी. के स्थान पर अन्य उर्वरक एन.पी.के., टी.एस.पी. एवं एस.एस.पी. का उपयोग कर सकते हैं।
कृषि विभाग द्वारा जिले में उर्वरकों की उपलब्धता पर सतत निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की समस्या अथवा जानकारी हेतु कृषक अपने विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अथवा निकटतम कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।