
आशा दिवस पर स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा, पंचायतवार बनेगा आशा कैलेंडर।
एनीमिया, टीकाकरण, टीबी मुक्त भारत व एनसीडी कार्यक्रमों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
बगहा/वाल्मीकिनगर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनाटांड़, बगहा-2 के अंतर्गत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वाल्मीकिनगर में शुक्रवार को आशा दिवस की बैठक आयोजित की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में आगामी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावी बनाने को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में एनीमिया मुक्त भारत अभियान, नियमित टीकाकरण, टीबी मुक्त भारत अभियान, गैर संचारी रोग (एनसीडी) समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं से क्षेत्रवार गतिविधियों की जानकारी ली तथा स्वास्थ्य योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में पंचायतवार आशा कैलेंडर तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से आशा कार्यकर्ताओं की गतिविधियों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाएगा। विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के स्तर पर कैलेंडर के अनुसार कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की योजना है, ताकि ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। अधिकारियों ने नियमित टीकाकरण को मजबूत करने, एनीमिया की पहचान एवं रोकथाम, टीबी के संभावित मरीजों की पहचान और एनसीडी से संबंधित स्क्रीनिंग को प्राथमिकता देने की बात कही। आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने तथा जरूरतमंदों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक जितेंद्र कुमार, प्रखंड लेखपाल संतोष कुमार वर्मा, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक चंद्रभान कुमार, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, संस्थानवार एएनएम, डीईओ जितेश्वर चौधरी, सभी डीईओ, आशा फैसिलिटेटर एवं आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य योजनाओं की जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण आबादी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना रहा।