स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सिंह
‘उल्लास एक अभिनव प्रयोग’ के तहत जिला न्यायालय में वृहद चिकित्सा परीक्षण शिविर आयोजित
250 से अधिक न्यायालयीन कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं सुरक्षाकर्मियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
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उच्च न्यायालय के निर्देश पर न्यायालयीन कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं सुरक्षा कर्मियों के वेलफेयर के लिए संचालित ‘उल्लास एक अभिनव प्रयोग’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जिला न्यायालय छतरपुर में वृहद चिकित्सा परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रविंदर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।” उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार ‘उल्लास एक अभिनव प्रयोग’ कार्यक्रम आगामी छह माह तक संचालित होगा। इसमें न्यायालयीन कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं सुरक्षाकर्मियों के साथ उनके परिवारजनों एवं बच्चों को भी शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम को विशेष न्यायाधीश निवेदिता मुद्गल, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री राजेश कुमार देवलिया, अभिभाषक संघ अध्यक्ष श्री शिवप्रताप सिंह एवं डॉ. संजना रॉबिन्सन ने भी संबोधित किया।
शिविर में जिला न्यायालय के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों की टीम ने 250 से अधिक न्यायालयीन कर्मचारियों, अधिवक्ताओं एवं सुरक्षा कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। मामूली व्याधियों के लिए मौके पर ही दवाएं उपलब्ध कराई गईं, जबकि आगे जांच की आवश्यकता वाले व्यक्तियों के रक्त नमूने लिए गए तथा आवश्यक जांच के लिए जिला चिकित्सालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. वीकेस त्रिपाठी ने भी अपनी टीम के साथ सेवाएं प्रदान कीं।
कार्यक्रम में जिला स्थापना पर पदस्थ न्यायाधीशगण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वाती निवेश जायसवाल, न्यायाधीशगण, जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र चढ़ार ने किया तथा सचिव श्री विष्णु प्रसाद सोलंकी, अभियोजन अधिकारी, अधिवक्ता संघ के सदस्य, न्यायालयीन एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
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