
प्रकृति शिक्षा शिविर में नशा मुक्ति की बातचीत एक नैसर्गिक दायित्व-अश्विनी शैणवी
प्रकृति का विनाश भी एक नकारात्मक नशा ही है-अश्विनी शैणवी
दो सत्रीय कार्यशाला में बोले आई जी रेंज।
शिक्षक समाज की व्यापक भागीदारी ने कार्यशाला को बनाया प्रांसगिक।
ट्रको पर लगाये गये स्टीकर नशामुक्ति के संदेश को पहुचायेंगे देश भर में।
16 सितम्बर/पानीपत
माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नशा मुक्त हरियाणा के सपने को साकार करने के लिए हरियाणा पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल की प्रेरणा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) कानून एवं व्यवस्था संजय कुमार के मार्गदर्शन में स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो तथा जिला पुलिस के सानिध्य में ओजोन दिवस के अवसर पर इंडियन आयल पानीपत के सहयोग से पानीपत पुलिस के सानिध्य में आयोजित नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम के तहत दो सत्रों में ‘‘प्रकृति रक्षा शिक्षक शिविर एवं नशा मुक्त समाज में नागरिक दायित्व विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि अश्विन शैणवी, आई पी एस, पुलिस महानिरीक्षक करनाल रंेज कहा कि प्रकृति शिक्षा शिविर में नशा मुक्ति की बातचीत एक नैसर्गिक दायित्व की तरह है। उन्होंने कहा कि प्रकृति का विनाश भी एक नकारात्मक नशा ही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए जो अपने समय के समकालीन प्रश्नों के समाधान का मार्ग तलाशे।
विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक पानीपत श्रीमती मेधा भूषण आई पी एस ने कहा कि पानीपत के लिए प्रकृति संरक्षण बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नगरी पानीपत में औद्योगिक विकास के साथ प्राकृतिक संरचना की संरक्षण के लिए राज और समाज दोनों को मिलकर संयुक्त पहल करनी होगी।
इस अवसर पर एस पी नारकोटिक्स श्री आयुष यादव, आई पी एस ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए नशा का नाश जरूरी है।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए श्री एम एल धारिया, ई डी रीफाइनरी ने कहा कि
पुलिस विभाग द्वारा सामाजिक उत्थान के लिए किये जा रहे प्रत्येक कार्य में इंडियन आॅयल पूरी शिदद्त के साथ सहयोग करता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सामाजिक दायित्व योजना के तहत पानीपत के पुलिस लाईन में निर्मित लाईब्रेरी में भी इंडियन आॅयल पूरी तरह सहयोगी रहा, भविष्य में भी इंडियन आॅयल संस्थान सहयोगी रहेगा।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में विशिष्ट अतिथि दीपक पाटिल आई एफ एस ने कहा कि प्रकृति की रक्षा नहीं होगी तो जीवन प्रवाह कैसे होगा।
मुख्य वक्ता डा. वी के सिंह, सी ई ओ, पाॅवर सैक्टर स्किल काउन्सिल ने कहा कि हमारे समकालीन भारत में सबसे ज्यादा कार्बन ऊर्जा उत्सर्जन से होता है अब हम नये भारत में सबने मिलकर निर्णय लिया है कि 2070 तक कार्बन का उत्सर्जन शून्य होगा। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए वर्तमान समय में 52 प्रतिशत ऊर्जा उत्सर्जन का स्रोत सौर उर्जा, वायु और पानी पर आधारित हो गया है।
वरिष्ठ पत्रकार श्री चन्द्रभूषण ने कहा कि प्रकृति केवल उपभोग की वस्तु नहीं है इसलिए हमारे संकल्पों में प्रकृति रक्षा होनी चाहिए।
इस अवसर पर विषय विशेषज्ञ डा. अशोक चैहान, प्रोफेसर अर्थशास्त्र विभाग, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय ने कहा कि पर्यावरण वैकल्पिक विषय नहीं है यह जीवन जीने की शर्त है।
कार्यक्रम में स्वागत करते हुए श्रीमती रेणु पाठक ने कहा कि दो सत्रीय विमर्श के बहाने पानीपत रीफाइनरी परिसर ज्ञान गंगा के प्रवाह का सुख प्राप्त कर रहा है।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सी जी एम श्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि देश भर से आये विद्वान, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और पानीपत के शिक्षण संस्थाओं के शिक्षकों की उपस्थिति ने प्रकृति रक्षा के साथ नशा मुक्त समाज के लिए नागरिक समाज को नयी दृष्टि प्रदान किया है।
दोनों सत्रों का संचालन करते हुए इंचार्ज सामुदायिक पुलिस मुख्यालय श्री राजीव रंजन ने कहा कि नागरिक और पुलिस समाज जब मिलकर चलेंगे, तब सामाजिक सौहार्द की बुनियाद मजबूत होगी।
कार्यक्रम के संयोजन में सी जी एम श्री राजेश गणवीर जी का अर्थपूर्ण एवं प्रासंगिक भूमिका रही। पोलीमल टर्मिनल से सी जी एम सुरेश के समन्वय में सैकड़ों ट्कों पर नशा मुक्त अभियान के नारों एवं रिफलेक्टर लगाकर आई जी करनाल श्री अश्विनी सैनी से झंडी दिखाकर रवाना किया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. इन्द्रप्रभा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से जीवन रक्षा के नयी-नयी बड़ी चुनौतियां खड़ी हो रही है। इसलिए प्रकृति में जो संजीवनी है वो खरीदकर नहीं प्राप्त की जा सकती, लंबा जीवन जीने के लिए प्रकृति के साथ चलना होगा।
इस अवसर पर राष्ट्ीय चित्रकला शिविर का आयोजन किया गया जिसमें देश भर से प्रख्यात चित्रकारों ने हिस्सा लिया।