फरीदाबाद में विशेष अल्ज़ाइमर्स क्लिनिक शुरू, हर शुक्रवार मरीजों की होगी जांच और काउंसिलिंग
अल्ज़ाइमर्स और डिमेंशिया जैसी याददाश्त संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद ने विशेष अल्ज़ाइमर्स क्लिनिक की शुरुआत की है। अस्पताल का दावा है कि यह फरीदाबाद का पहला विशेष अल्ज़ाइमर्स क्लिनिक है। यहां मरीजों की व्यवस्थित जांच, बीमारी की समय पर पहचान, नियमित फॉलो-अप और काउंसिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
अस्पताल के अनुसार क्लिनिक का संचालन डॉ. विनीत बंगा, निदेशक एवं प्रमुख, न्यूरोलॉजी के नेतृत्व में किया जाएगा। यह क्लिनिक प्रत्येक शुक्रवार दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक संचालित होगा। यहां मरीजों की स्थिति के अनुसार व्यापक जांच कर उपचार और आवश्यक थेरेपी की योजना तैयार करने में मदद की जाएगी।
शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डॉ. विनीत बंगा ने बताया कि भारत में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। उनके मुताबिक वर्ष 2011 में देश में वृद्ध आबादी करीब 10.4 करोड़ थी, जिसके 2036 तक बढ़कर लगभग 23 करोड़ होने का अनुमान है। उम्रदराज आबादी बढ़ने के साथ अल्ज़ाइमर्स जैसी उम्र से संबंधित न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का बोझ भी बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि बार-बार चीजें भूलना, याददाश्त संबंधी परेशानी, रोजमर्रा के काम करने में कठिनाई, भाषा या संवाद में समस्या और समय व स्थान को लेकर बार-बार भ्रम की स्थिति जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉ. बंगा के मुताबिक याददाश्त कमजोर होने के कई संभावित कारण हो सकते हैं, इसलिए प्रत्येक मरीज की सावधानीपूर्वक और व्यापक जांच जरूरी है। समय पर बीमारी की पहचान होने से उचित उपचार शुरू करने और मरीज के साथ-साथ परिवार व देखभाल करने वालों पर पड़ने वाले बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है।
मरीजों के साथ परिवारों को भी मिलेगा सहयोग
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद के फेसिलिटी निदेशक डॉ. अभिषेक शर्मा ने कहा कि विशेष क्लिनिक शुरू करने का उद्देश्य याददाश्त संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों को व्यवस्थित देखभाल उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में लेकैनमैब थेरेपी की उपलब्धता के साथ क्लिनिकल जांच, उपचार के दौरान निगरानी और सपोर्ट सिस्टम पर भी ध्यान दिया जाएगा। अल्ज़ाइमर्स की देखभाल केवल दवाओं तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें नियमित जांच, काउंसिलिंग और फॉलो-अप की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक नया क्लिनिक फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अल्ज़ाइमर्स व डिमेंशिया से जुड़ी समस्याओं के लिए एक व्यवस्थित देखभाल व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।