दूसरे राज्य से शादी करके आई महिला को नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ- हाई कोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि दूसरे राज्यों से शादी कर राज्य में बसी आरक्षित वर्ग ओबीसी और एससी की महिलाएं यहां आरक्षण के लाभ का दावा नहीं कर सकतीं। भले ही वे महिलाएं अपने गृह राज्य में आरक्षित श्रेणी में आती हों और हिमाचल में भी उनकी जाति आरक्षित हो। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने फैसले में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि विवाह के बाद जिस राज्य में कोई व्यक्ति विस्थापित होता है, वहां उसे आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। इससे पहले अदालत की एकल पीठ ने नवंबर 2024 और मई 2026 के बीच इन महिलाओं की याचिकाएं खारिज की थीं। खंडपीठ ने भी राज्य सरकार के रुख को सही पाया है और महिलाओं की अपीलों को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने यह आदेश जसवंत कौर और अन्य तीन अलग-अलग दायर अपीलों को खारिज करते हुए दिया है।