
कांग्रेस में फिर गूंज रहा डॉ. रोहताश नागिया का नाम, वार्ड-8 से दावेदारी की चर्चाओं ने पकड़ा जोर
पांवटा साहिब। राजनीति में कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जिनका नाम किसी पद या टिकट से पहले उनकी जनसेवा और लोगों के बीच पहचान के कारण चर्चा में आता है। पांवटा साहिब में इन दिनों कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वार्ड नंबर-8 के दो बार के पार्षद डॉ. रोहताश नागिया का नाम भी तेजी से सामने आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. रोहताश नागिया ने वार्ड नंबर-8 में केवल दो बार पार्षद बनकर अपनी पहचान नहीं बनाई, बल्कि करीब 25 वर्षों से चले आ रहे भाजपा के राजनीतिक वर्चस्व को भी चुनौती दी है। वार्ड-8 में लंबे समय से भाजपा का कब्जा रहा है, जिसे डॉ. नागिया ने लगातार दो चुनाव जीतकर तोड़ा। अब इसी राजनीतिक समीकरण को विधानसभा स्तर पर भी देखा जा रहा है। पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र में विधायक सुखराम चौधरी का भी करीब 25 वर्षों से राजनीतिक प्रभाव रहा है। ऐसे में स्थानीय चर्चाओं के बीच यह उम्मीद जताई जा रही है कि यदि कांग्रेस डॉ. रोहतास नागिया को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारती है, तो वह इस पुराने राजनीतिक गढ़ को चुनौती देकर कांग्रेस के लिए नई राजनीतिक राह खोल सकते हैं।
चिकित्सक, शिक्षक और समाजसेवी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले डॉ. नागिया लंबे समय से लोगों के संपर्क में हैं। जरूरतमंद लोगों का निशुल्क उपचार हो या सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी, उनकी सक्रियता को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा होती रही है। यही वजह है कि सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों तक उनके नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
खास बात यह है कि डॉ. नागिया खुद टिकट की दौड़ में होने की बात नहीं करते। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। हालांकि उनका यह भी कहना है कि यदि राजनीति के माध्यम से जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास किया जा सकता है तो वह जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हटेंगे।
डॉ. नागिया ने कहा कि राजनीति में आने पर व्यक्ति के सामने अपनी छवि और सिद्धांतों को बनाए रखने की चुनौती रहती है। लेकिन ईमानदारी, निष्ठा और साफ नीयत के साथ राजनीति की जाए तो विकास के रास्ते भी खुलते हैं और जनता की समस्याओं को मजबूती से उठाया जा सकता है।
उन्होंने साफ कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के सिपाही हैं। पार्टी यदि उन्हें टिकट देती है तो वह चुनाव लड़ेंगे और यदि पार्टी किसी अन्य कार्यकर्ता को मैदान में उतारती है तो वह पार्टी प्रत्याशी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।
डॉ. नागिया का यह बयान अब राजनीतिक चर्चाओं को और दिलचस्प बना रहा है। क्या कांग्रेस वार्ड नंबर-8 में पुराने जनप्रतिनिधित्व और सामाजिक पहचान वाले चेहरे पर भरोसा करेगी या किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा? इसका जवाब पार्टी के टिकट ऐलान के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल इतना जरूर है कि कांग्रेस की संभावित उम्मीदवारों की चर्चा में डॉ. रोहतास नागिया का नाम स्थानीय स्तर पर प्रमुखता से लिया जा रहा है।