
ग्रामीण सफाई कर्मियों के हित में हरियाणा सरकार का ऐतिहासिक कदम: डॉ. भारत भूषण टाक
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण सफाई कर्मियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेकर एक बार फिर यह साबित किया है कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी नीतियों का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. भारत भूषण टाक ने ग्रामीण सफाई कर्मियों के हित में लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार के ये फैसले केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण सफाई कर्मियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों और भविष्य की सुरक्षा से सीधे जुड़े हुए हैं। डॉ. भारत भूषण टाक ने कहा कि प्रदेश की ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में ग्रामीण सफाई कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांवों में स्वच्छता बनाए रखने से लेकर बीमारियों की रोकथाम और स्वच्छ वातावरण तैयार करने तक ये कर्मचारी प्रतिदिन महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। सरकार ने उनके योगदान को समझते हुए उनकी मांगों और समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया है।
-मई की बैठक में उठी मांगों पर सरकार ने लिया सकारात्मक संज्ञान
डॉ. भारत भूषण टाक ने बताया कि मई 2026 में ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई थी। बैठक में मानदेय का समय पर भुगतान, कार्य क्षेत्र से बाहर ड्यूटी करने पर भत्ता, वर्दी एवं धुलाई भत्ता तथा ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में परिवार की सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण विषय सामने रखे गए थे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने इन मांगों को केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन पर ठोस निर्णय लेकर यह संदेश दिया है कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनती और उनका समाधान करती है।
-21 हजार रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी से बड़ी आर्थिक राहत
सरकार द्वारा ग्रामीण सफाई कर्मियों के मानदेय में 21 सौ रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। अब मानदेय 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार एक सौ रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
यह बढ़ोतरी जनवरी 2026 से लागू रहेगी तथा जनवरी 2026 से बढ़े हुए मानदेय की जो बकाया राशि बनती है, उसका भुगतान भी किया जाएगा।
डॉ.भारत भुषण टांक ने कहा कि मानदेय में यह बढ़ोतरी प्रदेश सरकार की कर्मचारी हितैषी सोच को दर्शाती है। महंगाई के इस दौर में अतिरिक्त 2,100 रुपये प्रतिमाह ग्रामीण सफाई कर्मियों के परिवारों के लिए निश्चित रूप से महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता साबित होंगे।
-हर माह 7 तारीख तक भुगतान देरी पर 500 रुपये का जुर्माना
ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करना सरकार के निर्णयों में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब प्रत्येक माह की 7 तारीख तक ग्रामीण सफाई कर्मियों के मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यदि भुगतान में निर्धारित समय से देरी होती है तो 500 रुपये का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान किया गया है।
उपाध्याक्ष ने कहा कि समय पर वेतन अथवा मानदेय प्राप्त करना किसी भी कर्मचारी के परिवार की आर्थिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। सरकार के इस निर्णय से ग्रामीण सफाई कर्मियों को अपने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी। ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर परिवार को अनुकंपा नियुक्ति हरियाणा सरकार द्वारा लिया गया सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर ग्रामीण सफाई कर्मी के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति देने का प्रावधान है।
-क्षेत्र से बाहर ड्यूटी पर 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता
ग्रामीण सफाई कर्मियों को यदि उनके गांव से बाहर ड्यूटी पर लगाया जाता है तो उन्हें अब 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता दिया जाएगा।
डॉ.भारत भुषण टांक ने बताया कि यह भत्ता संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय द्वारा पेटी कैश से दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गांव से बाहर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को यात्रा एवं अन्य छोटे-मोटे अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। सरकार द्वारा इस समस्या को ध्यान में रखते हुए भत्ते का प्रावधान करना व्यावहारिक और कर्मचारी हितैषी निर्णय है।
-वर्दी भत्ते में 2 हजार रुपये की बढ़ोतरी
ग्रामीण सफाई कर्मियों की कार्य प्रकृति को देखते हुए सरकार ने उनके वार्षिक वर्दी भत्ते में भी बढ़ोतरी की है। वर्दी भत्ता अब 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। उन्होंनेे कहा कि सफाई कर्मियों के लिए कार्य के दौरान उचित वर्दी और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताएं महत्वपूर्ण हैं। बढ़ा हुआ वर्दी भत्ता कर्मचारियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
-धुलाई भत्ता बढ़ाकर 15 सौ रुपये
सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों के धुलाई भत्ते में भी 500 रुपये की वृद्धि की है। अब धुलाई भत्ता एक हजार रुपये से बढ़ाकर 15 सौ रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है।
आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि सफाई कर्मियों के कार्य की प्रकृति अन्य सामान्य कार्यालयी कार्यों से अलग है। इसलिए उनकी वास्तविक कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखकर धुलाई भत्ते में वृद्धि करना सरकार की संवेदनशील सोच का प्रमाण है।
-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में कर्मचारी हित सर्वोपरि
डॉ. भारत भूषण टाक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने समाज के गरीब, वंचित और मेहनतकश वर्गों के हितों को अपनी नीतियों में विशेष स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाना है। ग्रामीण सफाई कर्मी इसी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और सरकार द्वारा उनके हित में लिए गए निर्णय इसी सोच को आगे बढ़ाते हैं।
डॉ. टाक ने कहा कि सफाई कर्मियों को केवल कर्मचारी के रूप में नहीं बल्कि स्वच्छ हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में सम्मान दिया जाना चाहिए। सरकार के निर्णय इसी सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।
डॉ. भारत भुषण टाक ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मियों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया में कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण पंवार तथा कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी की भूमिका भी सकारात्मक और सराहनीय रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के जनप्रतिनिधियों द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं को सुनना, संबंधित विभागों के साथ चर्चा करना और समाधान की दिशा में आगे बढ़ना लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार और कर्मचारियों के बीच विश्वास को मजबूत करता है।
डॉ. बीबी टाक ने कहा कि हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग सफाई कर्मचारियों की समस्याओं, अधिकारों और कल्याण से जुड़े विषयों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य है कि प्रदेश के प्रत्येक सफाई कर्मचारी को उसका अधिकार मिले, उसे सम्मानजनक कार्य वातावरण मिले तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसकी सुनवाई सुनिश्चित हो।
Safidon, Jind | Sep 11, 2026