
"वह परी कहाँ से लाएं जिसे दुल्हन तेरी बनाएं..." —राव इंद्रजीत पर सतीश यादव का सबसे बड़ा सियासी हमला!
"अहंकार छोड़िए... नहीं तो अहीरवाल का विकास रुक जाएगा"
हरियाणा की राजनीति में अब जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है। "खेत बचाओ" कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और रेवाड़ी जिले के तीनों भाजपा विधायकों की गैरहाजिरी को लेकर पूर्व जिला प्रमुख एवं एडवोकेट सतीश यादव ने ऐसा हमला बोला है, जिसने अहीरवाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
सतीश यादव ने फिल्मी अंदाज में तंज कसते हुए कहा—
"वह परी कहाँ से लाएं जिसे दुल्हन तेरी बनाएं... आखिर किसी न किसी के साथ समन्वय बैठाकर चलना ही पड़ेगा। राजनीति अकेले नहीं चलती।"
यहीं नहीं, उन्होंने सीधे-सीधे राव इंद्रजीत सिंह पर अहंकार की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व के साथ तालमेल नहीं होगा तो रेवाड़ी, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़ और मेवात के विकास पर भी असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के कृषि मंत्री स्वयं रेवाड़ी आए थे, तब व्यक्तिगत नाराजगी या प्रोटोकॉल को किनारे रखकर मंच पर मौजूद रहना चाहिए था। उनके मुताबिक, ऐसे मौके क्षेत्र के हित में सरकार के सामने मजबूत पैरवी करने के लिए होते हैं, न कि राजनीतिक दूरी दिखाने के लिए।
तीन भाजपा विधायकों की गैरहाजिरी पर भी सतीश यादव ने निशाना साधते हुए कहा—
"विधायकों का क्या है... वे तो आपके कहने पर चलेंगे। आप कहेंगे जाओ तो जाएंगे, नहीं कहेंगे तो नहीं जाएंगे।"
उन्होंने दावा किया कि वर्षों से जारी अहंकार, टकराव और समन्वय की कमी का सबसे बड़ा नुकसान अहीरवाल की जनता उठा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह केवल एक राजनीतिक बयान है या हरियाणा भाजपा के भीतर बदलते समीकरणों का खुला संकेत? क्या राव इंद्रजीत सिंह इन आरोपों का जवाब देंगे, या यह सियासी विवाद और गहराएगा?
(नोट: यह समाचार पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव के सार्वजनिक बयान पर आधारित है। राव इंद्रजीत सिंह या उनके प्रतिनिधियों का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
Rewari, Rewari | Jul 1, 2026