
*बैकवर्ड लिंक जांच में अंतरराज्यीय ड्रग सप्लायर गिरफ्तार*
शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बैकवर्ड लिंकेज की जांच में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नशे की सप्लाई चेन के मुख्य स्रोतों और अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में की गई है।
FIR No. 62/2026 दिनांक 21.07.2026, धारा 21, 29 ND&PS Act, पुलिस थाना ढली के मामले में पुलिस द्वारा पहले कुलदीप एवं मनोज को गिरफ्तार किया गया था। इनके कब्जे से 09 ग्राम चिट्टा/हेरोईन, नकद तथा इलेक्ट्रॉनिक पॉकेट वेइंग मशीन बरामद की गई थी।
मामले की जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ एवं अन्य जांच के आधार पर नशे की सप्लाई के बैकवर्ड लिंक विकसित किए गए। जांच में अजय पुत्र कमल, उम्र 33 वर्ष, निवासी मनीमाजरा, चंडीगढ़, वर्तमान निवासी अंबाला कैंट की संलिप्तता सामने आई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय को 29.08.2026 को अंबाला कैंट से गिरफ्तार किया। आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर उसका 3 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है।
यह गिरफ्तारी शिमला पुलिस की बदली हुई रणनीति का हिस्सा है, जिसमें कार्रवाई को केवल स्थानीय स्तर पर नशे की बरामदगी अथवा कैरियर की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से मुख्य सप्लायरों और पूरे ड्रग सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस रणनीति के परिणामस्वरूप वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 73 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके मुकाबले वर्ष 2025 में केवल 8 तथा वर्ष 2024 में 12 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए थे।
इसी प्रकार, वर्ष 2026 में बैकवर्ड लिंक जांच के माध्यम से 56 अंतरराज्यीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं, जबकि वर्ष 2025 में केवल 4 और वर्ष 2024 में 3 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे।