सरकारी राशन की निगरानी व्यवस्था पर दो मामलों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरार कैंटोनमेंट क्षेत्र में 30 सितंबर की रात एक लोडिंग वाहन से 15 क्विंटल सरकारी चावल पकड़ा गया, लेकिन जांच के बावजूद यह स्पष्ट नहीं हो सका कि राशन आखिर कहां पहुंचाया जाना था। यादव मार्केट की तीन दुकानों पर छापेमारी में भी कुछ नहीं मिला, जबकि संबंधित राशन दुकान के स्टॉक में 21 बोरे चावल कम पाए गए। दूसरी ओर, ट्रांसपोर्ट नगर से जब्त किया गया 435.71 क्विंटल सरकारी गेहूं एक साल से अधिक समय से गोदाम में पड़ा है और अब खराब होने की कगार पर है। इन मामलों में कार्रवाई और जांच की धीमी रफ्तार ने राशन की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने तथा जब्त अनाज को बचाने के लिए सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।