ग्वालियर में एक हेड कॉन्स्टेबल को ब्लैक कोबरा ने हाथ में दो बार डंस लिया। वे अपने सरकारी आवास पर सो रहे थे। सांप के काटने के बाद दर्द से तड़पते हुए उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई। चीख सुनकर थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी मदद के लिए पहुंचे।
टीआई ने AI की मदद से सांप की पहचान की और उसके जहर का पैटर्न समझा। हेड कॉन्स्टेबल को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने समय पर सही एंटी-वेनम इंजेक्शन दिए, जिससे उनकी जान बच गई।
घटना गुरुवार रात करीब 9 बजे बिजौली थाने की है। थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पूरन सिकरवार अपने सरकारी क्वार्टर में आराम कर रहे थे। इसी दौरान कमरे में ब्लैक कोबरा घुस आया। सांप ने उनके हाथ पर एक के बाद एक दो बार डंस लिया।
डंसने के बाद सिकरवार दर्द से तड़पने लगे। उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी चीख सुनकर थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव और थाने के अन्य पुलिसकर्मी तुरंत क्वार्टर की ओर दौड़े। मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने सांप को कमरे में ही देखा और सिकरवार की हालत बिगड़ती पाई।
स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव ने बिना समय गंवाए सांप की फोटो खींची और उसे AI टूल पर अपलोड किया। AI ने सांप की पहचान ब्लैक कोबरा के रूप में की और उसके न्यूरोटॉक्सिक जहर के असर से जुड़ी जानकारी दी। टीआई ने सांप की फोटो और उससे मिली जानकारी अस्पताल पहुंचने से पहले ही डॉक्टरों तक भेज दी। इससे डॉक्टरों को सांप की प्रजाति के बारे में जानकारी मिल गई और इलाज की तैयारी में मदद मिली।
पुलिसकर्मी पूरन सिकरवार को तत्काल जेएएच (जय आरोग्य अस्पताल) लेकर पहुंचे। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें अपोलो अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक दो बार डंसने के कारण उनकी स्थिति गंभीर थी। चिकित्सकों ने जरूरी एंटी-वेनम और अन्य दवाएं दीं। समय पर इलाज शुरू होने के बाद उनकी हालत में सुधार आया। फिलहाल पूरन सिकरवार अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।
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