
भारतीय संस्कृति एवं परंपरा में अन्न सेवा को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है : विशाल सिंगला
महाराजा अग्रसेन को नमन कर महाराजा अग्रसेन रसोई के भंडारे में वितरित किया भोजन
कुरुक्षेत्र, 18 जून : श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत के प्रधान विशाल सिंगला ने समाज के गणमान्य लोगों के साथ वीरवार को महाराजा अग्रसेन को नमन कर महाराजा अग्रसेन रसोई के निरंतर चल रहे भंडारे में भोजन वितरण शुरू किया।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में अन्न सेवा को सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इसे सदाव्रत, भंडारा और अन्नदान जैसे रूपों में सदियों से निभाया जा रहा है। हमारे वेदों में अन्न ही ब्रह्म है कहा गया है, जिसका अर्थ है कि भोजन केवल शरीर का पोषण नहीं करता, बल्कि आत्मा को भी तृप्त करता है। विशाल सिंगला ने कहा कि भूखे को भोजन कराने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। घर आए अतिथि को भोजन कराना गृहस्थ धर्म का सबसे प्रमुख कर्तव्य है। केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि गाय, चींटियों, पक्षियों और कुत्तों के लिए भी प्रतिदिन अन्न निकालने की परंपरा हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है।
श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत एवं साया के तत्वावधान में संयुक्त भंडारे का आयोजन श्री वैश्य अग्रवाल पंचायत एवं साया के तत्वावधान में वीरवार को वर्धान बंसल, अशोक गर्ग एवं डिंपल गर्ग द्वारा किया गया। इस अवसर पर राहगीरों, यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंद लोगों ने बड़ी संख्या में भोजन प्रसाद ग्रहण किया तथा आयोजकों के इस सेवा कार्य की सराहना की। कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें नवीन बंसल, गौरव मित्तल, शोभित दरड़क, सुमित मित्तल, सुरेश गोयल, सचिन अग्रवाल, अमित रोहिल्ला सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
फोटो परिचय : भंडारे के अवसर पर लोग।