
➡️ खुशियों की दास्तां
➡️ जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में 915 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन
मध्यप्रदेश शासन द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम जिला चिकित्सालय सागर में देखने को मिला। जिला चिकित्सालय की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी, विशेषज्ञ उपचार और समर्पित सेवाओं से एक गंभीर नवजात शिशु को नया जीवन मिला। रहली विकासखंड के ग्राम पीराहार निवासी लीला बाई आदिवासी के नवजात शिशु को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
दिनांक 1 जून 2026 की रात्रि लगभग 11.30 बजे जन्म के बाद गंभीर स्थिति में नवजात को जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। शिशु को सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी तथा हृदय गति भी सामान्य से कम थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसएनसीयू प्रभारी डॉ. सौरभ जोशी ने तत्काल बैग एंड मास्क वेंटिलेशन देकर शिशु की जान बचाई तथा उसे सी-पैप मशीन के माध्यम से श्वसन सहायता प्रदान की।
भर्ती के समय नवजात का वजन मात्र 915 ग्राम था। चिकित्सकीय टीम द्वारा लगातार निगरानी, आवश्यक उपचार और संक्रमण से बचाव के लिए दवाइयां दी गईं। उपचार के दौरान खून की कमी होने पर शिशु को रक्त भी चढ़ाया गया। लगभग 20 दिनों तक ट्यूब फीडिंग के माध्यम से पोषण दिया गया, जिसके बाद कटोरी-चम्मच से दूध पिलाना शुरू किया गया। साथ ही कंगारू मदर केयर के माध्यम से मां और शिशु के बीच त्वचा से त्वचा का संपर्क सुनिश्चित किया गया, जिससे शिशु के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ।
चिकित्सकों द्वारा शिशु के वजन, श्वसन, हृदय गति एवं अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मानकों की नियमित निगरानी की जाती रही। उपचार का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि 15 जुलाई 2026 तक शिशु का वजन बढ़कर 1.415 किलोग्राम हो गया। सभी आवश्यक जांचें सामान्य आने के बाद चिकित्सकों ने शिशु को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया। जिसके लिए बच्चे के माता पिता ने डॉक्टरों सहित स्टाफ का धन्यवाद दिया।
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