
बांकीपुर उपचुनाव में हार से भाजपा में खलबली, सवर्ण वोटरों की नाराजगी ने बढ़ाई चिंता
30 साल से अजेय रही सीट पर बड़े अंतर से शिकस्त; 62% से घटकर करीब 34% हुआ वोट शेयर, डैमेज कंट्रोल में जुटी भाजपा
बांकीपुर। बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार ने भाजपा के अंदरखाने में हलचल बढ़ा दी है। जिस सीट पर पार्टी करीब 30 वर्षों से चुनाव नहीं हारी थी, वहां बड़े अंतर से मिली शिकस्त के बाद अब पार्टी में आत्मचिंतन का दौर शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि इस हार के पीछे सवर्ण मतदाताओं की नाराजगी को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। 2025 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को इस सीट पर करीब 62 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन महज नौ महीने बाद हुए उपचुनाव में पार्टी का वोट शेयर घटकर करीब 34 प्रतिशत रह गया। यानी पिछले चुनाव की तुलना में भाजपा के वोट शेयर में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
इस अप्रत्याशित गिरावट ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी अब अपने पारंपरिक और समर्पित मतदाताओं के बीच भरोसा बनाए रखने के साथ-साथ नाराजगी के कारणों की पड़ताल में जुटी है।
सूत्रों के मुताबिक, डैमेज कंट्रोल के तहत संगठन स्तर पर तेजी से फैसले लेने और मतदाताओं के बीच पकड़ मजबूत करने की कवायद शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि बांकीपुर की हार के बाद भाजपा की रणनीति में कितना बदलाव आता है और पार्टी अपने पुराने वोट बैंक को दोबारा अपने पक्ष में लाने में कितनी सफल होती है।