
बड़ी खबर | यूपी एसटीएफ रिपोर्ट
### KGMU में धर्मांतरण के कथित नेटवर्क पर STF का बड़ा खुलासा! 12 डॉक्टर-कर्मचारी रडार पर, सीनियर प्रोफेसरों की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में कथित धर्मांतरण और लव जिहाद के आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। यूपी एसटीएफ की जांच रिपोर्ट ने विश्वविद्यालय के भीतर चल रही गतिविधियों और कुछ वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्रवाई की तैयारी की चर्चा है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला कथित धर्मांतरण, महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न और संस्थान के भीतर सक्रिय बताए जा रहे नेटवर्क से जुड़ा है। यूपी एसटीएफ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से लेकर शासन तक हलचल तेज होने की संभावना है।
मामले की शुरुआत उत्तर प्रदेश यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवम श्रीवास्तव की शिकायत से हुई थी। शिकायत में KGMU परिसर में कथित धर्मांतरण और लव जिहाद से जुड़ी गतिविधियों की जांच कराने की मांग की गई थी। शासन के निर्देश पर एसटीएफ मुख्यालय ने मामले की जांच कराई। 25 अगस्त 2026 को अपर मुख्य सचिव (गृह), उत्तर प्रदेश शासन को भेजे गए पत्र में जांच से जुड़े गंभीर तथ्य सामने रखे गए हैं।
### 12 लोगों की भूमिका संदिग्ध, डॉक्टरों से लेकर कर्मचारियों तक पर नजर!
बताई जा रही जांच रिपोर्ट के अनुसार, कथित नेटवर्क में करीब 12 लोगों की भूमिका आरोपी अथवा संदिग्ध के रूप में सामने आई है। इनमें वरिष्ठ प्रोफेसर, डॉक्टर और अन्य कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट में 'इस्लामिक मेडिकोज' नामक समूह से जुड़े डॉक्टरों का भी उल्लेख होने की बात कही गई है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम रिपोर्ट में आने या भूमिका संदिग्ध बताए जाने का अर्थ अपराध साबित होना नहीं है। संबंधित लोगों के खिलाफ आरोपों की स्वतंत्र जांच और कानूनी प्रक्रिया जरूरी है।
### दो FIR का भी रिपोर्ट में जिक्र
एसटीएफ की रिपोर्ट में दिसंबर 2025 के दो मामलों का उल्लेख किया गया है।
\- 23 दिसंबर 2025: KGMU की पैथोलॉजी विभाग की रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. देवयानी मिश्रा की तहरीर पर चौक कोतवाली में मुकदमा संख्या 302/25 दर्ज होने का उल्लेख है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर समीर मलिक के खिलाफ धर्मांतरण प्रतिषेध कानून समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
\- 29 दिसंबर 2025: KGMU की नर्सिंग स्टाफ माविया की तहरीर पर केसवरबाग थाने में मुकदमा संख्या 218/25 दर्ज होने का उल्लेख है। इसमें मोहम्मद आदिल के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की बात कही गई है।
एसटीएफ के पत्र के मुताबिक, दोनों मामले संबंधित थानों में विवेचनाधीन थे।
### सबसे गंभीर सवाल: क्या संस्थान के भीतर शिकायतों को दबाया गया?
एसटीएफ की रिपोर्ट का सबसे गंभीर हिस्सा वह है, जिसमें कथित तौर पर विभागीय स्तर पर संरक्षण दिए जाने और महिला कर्मचारियों के शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न के आरोपों का उल्लेख है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि कोई महिला कर्मचारी कथित अनुचित संबंधों या व्यवहार का विरोध करती है, तो उसके करियर को नुकसान पहुंचाने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने अथवा नौकरी से निकलवाने की धमकी दिए जाने जैसी परिस्थितियों की शिकायतें सामने आई हैं।
यह आरोप यदि जांच में सही पाए जाते हैं तो सवाल सिर्फ कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संस्थान की जवाबदेही और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे।
### अब शासन की अग्निपरीक्षा!
एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चिकित्सा शिक्षा विभाग निष्पक्ष जांच कराएगा? क्या कथित संरक्षण देने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी? क्या शिकायत करने वाली महिलाओं को सुरक्षा और न्याय मिलेगा?
KGMU जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में यदि इस तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो उन्हें महज आंतरिक विवाद बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सवाल सीधा है—क्या चिकित्सा के मंदिर में उठे इन गंभीर आरोपों पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी या प्रभावशाली पदों पर बैठे लोगों के सामने जांच भी कमजोर पड़ जाएगी?
नोट: यह समाचार उपलब्ध एसटीएफ पत्र और दी गई जानकारी पर आधारित है। इसमें उल्लिखित आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। किसी भी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं माना गया है।
UNNAO EXPRESS | खबर वही, जो सवाल उठाए।
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Unnao, Unnao | Oct 31, 2026