
• मूंग उपार्जन में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो - कलेक्टर
• उपार्जन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण कर रखें सतत निगरानी - कलेक्टर
• व्यापारी किसी भी स्थिति में किसानों के नाम पर उपार्जन केन्द्रों पर मूंग का विक्रय न कर सकें, अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई करें - कलेक्टर
• मूंग उपार्जन व्यवस्था पारदर्शी एवं सुचारु रखने के कलेक्टर ने दिए निर्देश
कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने बैठक आयोजित कर मूंग उपार्जन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी मूंग उपार्जन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा पूरी प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों से पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से मूंग का उपार्जन किया जाए तथा किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि व्यापारी किसी भी स्थिति में किसानों के नाम पर अथवा अन्य किसी माध्यम से उपार्जन केन्द्रों पर मूंग का विक्रय न कर सकें। इसके लिए राजस्व, कृषि, खाद्य, सहकारिता एवं मंडी विभाग संयुक्त रूप से प्रभावी निरीक्षण अभियान संचालित करें। यदि किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि मूंग उपार्जन शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित एवं किसान हितैषी रहे। किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने की सुविधा मिले तथा उन्हें किसी भी स्तर पर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को व्यापारियों के गोदामों एवं स्टॉक का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि व्यापारियों द्वारा अवैध रूप से मूंग का भंडारण अथवा उपार्जन प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयासों पर कड़ी नजर रखी जाए। आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त जांच दल गठित कर औचक निरीक्षण किए जाएं तथा अनियमितता पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रहें। किसानों को पंजीयन, तौल, परिवहन, भंडारण एवं भुगतान से संबंधित किसी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए। यदि किसी केंद्र पर कोई समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी नियमित रूप से उपार्जन केन्द्रों का भ्रमण करें और व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने कृषि उपज मंडियों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि मंडियों में मूंग की खरीदी-बिक्री की गतिविधियों पर भी सतत निगरानी रखी जाए। मंडी परिसर में किसी प्रकार की अनियमितता, अवैध व्यापार अथवा किसानों के हितों के प्रतिकूल गतिविधियां पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को किसानों से सतत संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्रों एवं मंडियों में आने वाले किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए तथा उनका त्वरित निराकरण किया जाए। किसानों को उपार्जन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी समय पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, अपर कलेक्टर श्री बृजेश सक्सेना, संयुक्त कलेक्टर श्री रविंद्र परमार, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रेम सिंह गौंड़ सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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