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Bihar news : चार दिनों से अंधेरे में 400 घर, उमस भरी गर्मी में बिजली संकट से लोग बेहाल। पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड अंतर्गत सकरौल गांव मे भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। सकरौल के वार्ड संख्या 9, 10 और 13 में पिछले चार दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण करीब 400 परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 63 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर अधिक लोड के कारण बार-बार खराब हो जाता है, जिससे आए दिन बिजली संकट बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, इन तीनों वार्डों में करीब 400 घरों को एक ही 63 केवीए ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जाती है, जबकि उपभोक्ताओं की संख्या और बढ़ते लोड को देखते हुए यहां कम से कम 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर महीने में कई बार खराब हो जाता है और विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीण नुरहसन अंसारी, असरफ आलम, राजा हुसैन, फिरोज आलम, जफार मियां, रैफुल आजम मियां, भोला साह, बरसाती साह, अवधेश राम, सुकट राउत और मुन्ना आलम ने बिजली विभाग से अविलंब खराब ट्रांसफार्मर को बदलने तथा क्षेत्र में 100 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार चार दिनों से बिजली गुल रहने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से शीघ्र समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। वही जेई ऋषि देव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है, बहुत ही ही जल्द अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति सुचारू ढंग से बहस कर दी जाएगी।#PowerCrisis #ElectricityOutage #WestChamparan #Mainatand #SakraulVillage #BiharNews #TransformerIssue #PowerSupply #HeatWave #Humidity #ElectricityDepartment #RuralIndia #EnergyCrisis #Bihar #BreakingNews #PublicProblems #Infrastructure #VillageNews #ElectricityFailure #WestChamparanNews #MainatandNews #Sakraul #TransformerUpgrade #PowerCut #SummerCrisis #400FamiliesAffected #BiharElectricity #LocalNews #IndiaNews

Bihar news : चार दिनों से अंधेरे में 400 घर, उमस भरी गर्मी में बिजली संकट से लोग बेहाल। पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड अंतर्गत सकरौल गांव मे भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। सकरौल के वार्ड संख्या 9, 10 और 13 में पिछले चार दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण करीब 400 परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 63 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर अधिक लोड के कारण बार-बार खराब हो जाता है, जिससे आए दिन बिजली संकट बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, इन तीनों वार्डों में करीब 400 घरों को एक ही 63 केवीए ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जाती है, जबकि उपभोक्ताओं की संख्या और बढ़ते लोड को देखते हुए यहां कम से कम 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर महीने में कई बार खराब हो जाता है और विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीण नुरहसन अंसारी, असरफ आलम, राजा हुसैन, फिरोज आलम, जफार मियां, रैफुल आजम मियां, भोला साह, बरसाती साह, अवधेश राम, सुकट राउत और मुन्ना आलम ने बिजली विभाग से अविलंब खराब ट्रांसफार्मर को बदलने तथा क्षेत्र में 100 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार चार दिनों से बिजली गुल रहने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से शीघ्र समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। वही जेई ऋषि देव ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है, बहुत ही ही जल्द अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति सुचारू ढंग से बहस कर दी जाएगी।#PowerCrisis #ElectricityOutage #WestChamparan #Mainatand #SakraulVillage #BiharNews #TransformerIssue #PowerSupply #HeatWave #Humidity #ElectricityDepartment #RuralIndia #EnergyCrisis #Bihar #BreakingNews #PublicProblems #Infrastructure #VillageNews #ElectricityFailure #WestChamparanNews #MainatandNews #Sakraul #TransformerUpgrade #PowerCut #SummerCrisis #400FamiliesAffected #BiharElectricity #LocalNews #IndiaNews

Bettiah, West Champaran | Jun 14, 2026

Bihar news : चार दिनों से अंधेरे में 400 घर, उमस भरी गर्मी में बिजली संकट से लोग बेहाल। पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड अंतर्गत सकरौल गांव मे भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। सकरौल के वार्ड संख्या 9, 10 और 13 में पिछले चार दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण करीब 400 परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 63 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर अधिक लोड के कारण बार-बार खराब हो जाता है, जिससे आए दिन बिजली संकट बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, इन तीनों वार्डों में करीब 400 घरों को एक ही 63 केवीए ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जाती है, जबकि उपभोक्ताओं की संख्या और बढ़ते लोड को देखते हुए यहां कम से कम 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर महीने में कई बार खराब हो जाता है और विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीण नुरहसन अंसारी, असरफ आलम, राजा हुसैन, फिरोज आलम, जफार मियां, रैफुल आजम मियां, भोला साह, बरसाती साह, अवधेश राम, सुकट राउत और मुन्ना आलम ने बिजली विभाग से अविलंब खराब ट्रांसफार्मर को बदलने तथा क्षेत्र में 100 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार चार दिनों से बिजली गुल रहने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।#PowerCrisis #ElectricityOutage #WestChamparan #Mainatand #SakraulVillage #BiharNews #TransformerIssue #PowerSupply #HeatWave #Humidity #ElectricityDepartment #RuralIndia #EnergyCrisis #Bihar #BreakingNews #PublicProblems #Infrastructure #VillageNews #ElectricityFailure #WestChamparanNews #MainatandNews #Sakraul #TransformerUpgrade #PowerCut #SummerCrisis #400FamiliesAffected #BiharElectricity #LocalNews #IndiaNews

Bihar news : चार दिनों से अंधेरे में 400 घर, उमस भरी गर्मी में बिजली संकट से लोग बेहाल। पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड अंतर्गत सकरौल गांव मे भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। सकरौल के वार्ड संख्या 9, 10 और 13 में पिछले चार दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण करीब 400 परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि 63 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर अधिक लोड के कारण बार-बार खराब हो जाता है, जिससे आए दिन बिजली संकट बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, इन तीनों वार्डों में करीब 400 घरों को एक ही 63 केवीए ट्रांसफार्मर से बिजली आपूर्ति की जाती है, जबकि उपभोक्ताओं की संख्या और बढ़ते लोड को देखते हुए यहां कम से कम 100 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाया जाना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर महीने में कई बार खराब हो जाता है और विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। चार दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य दैनिक कार्यों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीण नुरहसन अंसारी, असरफ आलम, राजा हुसैन, फिरोज आलम, जफार मियां, रैफुल आजम मियां, भोला साह, बरसाती साह, अवधेश राम, सुकट राउत और मुन्ना आलम ने बिजली विभाग से अविलंब खराब ट्रांसफार्मर को बदलने तथा क्षेत्र में 100 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में लगातार चार दिनों से बिजली गुल रहने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है।#PowerCrisis #ElectricityOutage #WestChamparan #Mainatand #SakraulVillage #BiharNews #TransformerIssue #PowerSupply #HeatWave #Humidity #ElectricityDepartment #RuralIndia #EnergyCrisis #Bihar #BreakingNews #PublicProblems #Infrastructure #VillageNews #ElectricityFailure #WestChamparanNews #MainatandNews #Sakraul #TransformerUpgrade #PowerCut #SummerCrisis #400FamiliesAffected #BiharElectricity #LocalNews #IndiaNews

Bettiah, West Champaran | Jun 14, 2026

पांगी अंधेरे में, विभाग गहरी नींद में! एक माह से बंद पड़ा साच घराट पावर हाउस, जनता पूछ रही—आखिर जिम्मेदार कौन?

 जनजातीय क्षेत्र पांगी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। साच घराट पावर हाउस की एक टरबाइन फटने के बाद पिछले एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन विद्युत विभाग आज तक इसे दुरुस्त नहीं कर पाया है। नतीजतन पूरा क्षेत्र बिजली संकट से जूझ रहा है और आम जनता अंधेरे तथा अव्यवस्था का खामियाजा भुगतने को मजबूर है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पावर हाउस के रखरखाव और मरम्मत पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, उसकी हालत इतनी बदतर क्यों है? आखिर वह पैसा कहां खर्च हो रहा है, जिसका दावा विभाग लगातार करता रहा है?

स्थानीय लोगों का कहना है कि साच घराट पावर हाउस में 450-450 किलोवाट क्षमता की दो टरबाइन स्थापित हैं, लेकिन विडंबना यह है कि स्थापना के बाद से शायद ही कभी दोनों टरबाइन अपनी पूरी क्षमता के साथ चली हों। अधिकतर समय केवल एक मशीन के सहारे बिजली उत्पादन किया जाता रहा, जबकि दूसरी मशीन को स्टैंडबाय के नाम पर रखा गया। अब हालात ऐसे हैं कि स्टैंडबाय मशीन की स्थिति भी किसी कबाड़ से कम नहीं बताई जा रही है।

लोगों का आरोप है कि विभाग वर्षों से मरम्मत और रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा करता आया है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। यदि समय-समय पर सही रखरखाव किया गया होता तो क्या आज एक टरबाइन फटने के बाद पूरा क्षेत्र एक महीने से अधिक समय तक अंधेरे में डूबा रहता?

बताया जा रहा है कि खराब टरबाइन को यमुनानगर की एक वर्कशॉप में भेजा गया है। हैरानी की बात यह है कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग यह बताने की स्थिति में नहीं है कि टरबाइन कब तक वापस आएगी और बिजली व्यवस्था कब तक सामान्य होगी। इससे विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पांगी जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता है। बिजली के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई, व्यापारिक गतिविधियां, सरकारी कार्य और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद विभाग की सुस्ती खत्म होने का नाम नहीं ले रही।

वहीं धनवास सोलर पावर प्लांट की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में असंतोष है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद क्षेत्र को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर पांगी के ऊर्जा ढांचे पर खर्च होने वाली सरकारी राशि का वास्तविक लाभ जनता तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा?

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि साच घराट पावर हाउस में हुए नुकसान, रखरखाव पर हुए खर्च और मरम्मत कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाए कि पिछले वर्षों में मरम्मत के नाम पर कितना धन खर्च हुआ और उसके क्या परिणाम सामने आए।

जनता का साफ कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पावर हाउस एक टरबाइन के सहारे चलता रहा और आज एक माह से अधिक समय तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई, तो यह केवल तकनीकी विफलता नहीं बल्कि व्यवस्था की गंभीर नाकामी का उदाहरण है।
#PangiPowerCrisis #SachGharatPowerHouse #ElectricityFailure #HimachalPradesh #PowerOutage #TribalAreaIssues #PublicAccountability #HydroPowerProject #InfrastructureFailure #PangiNews #HimachalNews #EnergyCrisis #GovernmentAccountability #BreakingNews #PowerSector हिम संदेश Pangi Administration CMO Himachal Sukhvinder Singh Sukhu Jagat Singh Negi Adv Surjeet Sharma Bharmouri Janak Raj Shiv Suryavanshi हिम शिखर पांगी

पांगी अंधेरे में, विभाग गहरी नींद में! एक माह से बंद पड़ा साच घराट पावर हाउस, जनता पूछ रही—आखिर जिम्मेदार कौन? जनजातीय क्षेत्र पांगी में बिजली व्यवस्था पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है। साच घराट पावर हाउस की एक टरबाइन फटने के बाद पिछले एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन विद्युत विभाग आज तक इसे दुरुस्त नहीं कर पाया है। नतीजतन पूरा क्षेत्र बिजली संकट से जूझ रहा है और आम जनता अंधेरे तथा अव्यवस्था का खामियाजा भुगतने को मजबूर है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस पावर हाउस के रखरखाव और मरम्मत पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, उसकी हालत इतनी बदतर क्यों है? आखिर वह पैसा कहां खर्च हो रहा है, जिसका दावा विभाग लगातार करता रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि साच घराट पावर हाउस में 450-450 किलोवाट क्षमता की दो टरबाइन स्थापित हैं, लेकिन विडंबना यह है कि स्थापना के बाद से शायद ही कभी दोनों टरबाइन अपनी पूरी क्षमता के साथ चली हों। अधिकतर समय केवल एक मशीन के सहारे बिजली उत्पादन किया जाता रहा, जबकि दूसरी मशीन को स्टैंडबाय के नाम पर रखा गया। अब हालात ऐसे हैं कि स्टैंडबाय मशीन की स्थिति भी किसी कबाड़ से कम नहीं बताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि विभाग वर्षों से मरम्मत और रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा करता आया है, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। यदि समय-समय पर सही रखरखाव किया गया होता तो क्या आज एक टरबाइन फटने के बाद पूरा क्षेत्र एक महीने से अधिक समय तक अंधेरे में डूबा रहता? बताया जा रहा है कि खराब टरबाइन को यमुनानगर की एक वर्कशॉप में भेजा गया है। हैरानी की बात यह है कि एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग यह बताने की स्थिति में नहीं है कि टरबाइन कब तक वापस आएगी और बिजली व्यवस्था कब तक सामान्य होगी। इससे विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पांगी जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र में बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता है। बिजली के अभाव में विद्यार्थियों की पढ़ाई, व्यापारिक गतिविधियां, सरकारी कार्य और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद विभाग की सुस्ती खत्म होने का नाम नहीं ले रही। वहीं धनवास सोलर पावर प्लांट की कार्यप्रणाली को लेकर भी लोगों में असंतोष है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद क्षेत्र को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर पांगी के ऊर्जा ढांचे पर खर्च होने वाली सरकारी राशि का वास्तविक लाभ जनता तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा? क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि साच घराट पावर हाउस में हुए नुकसान, रखरखाव पर हुए खर्च और मरम्मत कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। साथ ही यह भी सार्वजनिक किया जाए कि पिछले वर्षों में मरम्मत के नाम पर कितना धन खर्च हुआ और उसके क्या परिणाम सामने आए। जनता का साफ कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पावर हाउस एक टरबाइन के सहारे चलता रहा और आज एक माह से अधिक समय तक बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई, तो यह केवल तकनीकी विफलता नहीं बल्कि व्यवस्था की गंभीर नाकामी का उदाहरण है। #PangiPowerCrisis #SachGharatPowerHouse #ElectricityFailure #HimachalPradesh #PowerOutage #TribalAreaIssues #PublicAccountability #HydroPowerProject #InfrastructureFailure #PangiNews #HimachalNews #EnergyCrisis #GovernmentAccountability #BreakingNews #PowerSector हिम संदेश Pangi Administration CMO Himachal Sukhvinder Singh Sukhu Jagat Singh Negi Adv Surjeet Sharma Bharmouri Janak Raj Shiv Suryavanshi हिम शिखर पांगी

Saach, Chamba | Jun 11, 2026

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