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धर्मशाला : 23 जून 2026:* राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल द्वारा आयोजित ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव के धर्मशाला संस्करण का सफलतापूर्वक समापन इस अवसर पर विनय कुमार , अतिरिक्त उपायुक्त, कांगड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। नाट्योत्सव के द्वितीय एवं अंतिम दिवस पर राजकीय महाविद्यालय के निकट स्थित अंतरंग सभागार में लेखक मिथिलेश्वर की चर्चित कहानी पर आधारित नाटक ‘बाबूजी’ का मंचन किया गया। इस नाटक का नाट्य रूपांतरण विभांशु वैभव ने किया है तथा निर्देशन रंगमंडल प्रमुख श्री राजेश सिंह ने किया है। लोकप्रिय नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक में सजीव संगीत, लोकधर्मी रंग-शैली और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से एक कलाकार के जीवन-संघर्ष को मार्मिक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया। ‘बाबूजी’ एक ऐसे रंगकर्मी की कहानी है, जिसने सामाजिक अस्वीकृति, पारिवारिक विघटन और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कला के प्रति अपने समर्पण को कभी नहीं छोड़ा। नाटक का केंद्रीय पात्र लल्लन सिंह उर्फ ‘बाबूजी’ अपने अनुभवों और संघर्षों के माध्यम से उन असंख्य कलाकारों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें समाज अक्सर गलत समझता है, लेकिन जिनकी प्रतिबद्धता कला के प्रति अटूट रहती है। कथा में पारिवारिक रिश्तों की जटिलता, सामाजिक पूर्वाग्रह, कलाकारों की असुरक्षा तथा कला के लिए किए गए त्याग को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है। उत्तर भारत की पारंपरिक नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक ने सजीव संगीत, गीतों और प्रभावपूर्ण अभिनय के माध्यम से दर्शकों को बांधे रखा। नाटक कई महत्वपूर्ण सामाजिक प्रश्नों से भी रूबरू कराती है। नाटक यह रेखांकित करता है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन-दृष्टि और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त साधन भी है। नाटक के प्रमुख कलाकारों में राजेश सिंह, शिव प्रसाद, पूनम दहिया, शिल्पा भारती, अनंत शर्मा, सत्येन्द्र मलिक, अंकुर सिंह, प्रतीक वडेरा, आलोक कुमार, तबिश खान, मुजीबुर रहमान तथा अप्सरा खान शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल के ‘रंग षष्ठी’ समारोह का हिस्सा है, जो रंगमंडल की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर रंगमंडल देश के विभिन्न भागों में अपनी चर्चित नाट्य प्रस्तुतियों का मंचन कर रहा है। इस नाट्य श्रृंखला का अगला पड़ाव हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला होगा, जहाँ रंगमंडल के कलाकार मॉल रोड स्थित गेइटी थिएटर में अपनी चर्चित प्रस्तुतियों का मंचन करेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रभात शर्मा , बिहारी लाल शर्मा उप निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, अनिल हारटा सहायक, निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, डीपीआरओ विनय शर्मा, क्यूरेटर कांगड़ा कला संग्रहालय रितु मलकोटिया डीपीओ प्लानिंग डॉ० अजय रत्न, डीलओ कांगड़ा अमित गुलेरी, रंगकर्मी रोहित बोहरा, सरस्वती स्वर संगम धर्मशाला की अध्यक्ष पूनम, शैशव, विनोद शांडिल भी उपस्थित रहे।

Kangra, Kangra | Jun 23, 2026

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धर्मशाला : 23 जून 2026:* राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल द्वारा आयोजित ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव के धर्मशाला संस्करण का सफलतापूर्वक समापन इस अवसर पर विनय कुमार , अतिरिक्त उपायुक्त, कांगड़ा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। नाट्योत्सव के द्वितीय एवं अंतिम दिवस पर राजकीय महाविद्यालय के निकट स्थित अंतरंग सभागार में लेखक मिथिलेश्वर की चर्चित कहानी पर आधारित नाटक ‘बाबूजी’ का मंचन किया गया। इस नाटक का नाट्य रूपांतरण विभांशु वैभव ने किया है तथा निर्देशन रंगमंडल प्रमुख श्री राजेश सिंह ने किया है। लोकप्रिय नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक में सजीव संगीत, लोकधर्मी रंग-शैली और प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से एक कलाकार के जीवन-संघर्ष को मार्मिक ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया गया। ‘बाबूजी’ एक ऐसे रंगकर्मी की कहानी है, जिसने सामाजिक अस्वीकृति, पारिवारिक विघटन और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद कला के प्रति अपने समर्पण को कभी नहीं छोड़ा। नाटक का केंद्रीय पात्र लल्लन सिंह उर्फ ‘बाबूजी’ अपने अनुभवों और संघर्षों के माध्यम से उन असंख्य कलाकारों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें समाज अक्सर गलत समझता है, लेकिन जिनकी प्रतिबद्धता कला के प्रति अटूट रहती है। कथा में पारिवारिक रिश्तों की जटिलता, सामाजिक पूर्वाग्रह, कलाकारों की असुरक्षा तथा कला के लिए किए गए त्याग को प्रभावशाली ढंग से उकेरा गया है। उत्तर भारत की पारंपरिक नौटंकी शैली में प्रस्तुत इस नाटक ने सजीव संगीत, गीतों और प्रभावपूर्ण अभिनय के माध्यम से दर्शकों को बांधे रखा। नाटक कई महत्वपूर्ण सामाजिक प्रश्नों से भी रूबरू कराती है। नाटक यह रेखांकित करता है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन-दृष्टि और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त साधन भी है। नाटक के प्रमुख कलाकारों में राजेश सिंह, शिव प्रसाद, पूनम दहिया, शिल्पा भारती, अनंत शर्मा, सत्येन्द्र मलिक, अंकुर सिंह, प्रतीक वडेरा, आलोक कुमार, तबिश खान, मुजीबुर रहमान तथा अप्सरा खान शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि ‘हिम रंग षष्ठी’ ग्रीष्मकालीन नाट्योत्सव राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय रंगमंडल के ‘रंग षष्ठी’ समारोह का हिस्सा है, जो रंगमंडल की स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर रंगमंडल देश के विभिन्न भागों में अपनी चर्चित नाट्य प्रस्तुतियों का मंचन कर रहा है। इस नाट्य श्रृंखला का अगला पड़ाव हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला होगा, जहाँ रंगमंडल के कलाकार मॉल रोड स्थित गेइटी थिएटर में अपनी चर्चित प्रस्तुतियों का मंचन करेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी प्रभात शर्मा , बिहारी लाल शर्मा उप निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, अनिल हारटा सहायक, निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग, डीपीआरओ विनय शर्मा, क्यूरेटर कांगड़ा कला संग्रहालय रितु मलकोटिया डीपीओ प्लानिंग डॉ० अजय रत्न, डीलओ कांगड़ा अमित गुलेरी, रंगकर्मी रोहित बोहरा, सरस्वती स्वर संगम धर्मशाला की अध्यक्ष पूनम, शैशव, विनोद शांडिल भी उपस्थित रहे। - Kangra News