शिया मुस्लिम समुदाय ने निकाला चेहल्लुम का मातमी जुलूस:
गूंजे 'या हुसैन' के नारे
सतना I 1400 सौ साल पहले कर्बला की जंग में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में सतना में शिया मुस्लिम समुदाय द्वारा गमगीन माहौल में मातमी जुलूस निकाला गया।
सतना। शहर में शिया मुस्लिम समुदाय द्वारा हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में चेहल्लुम का पारंपरिक मातमी जुलूस अकीदत व एहतराम के साथ निकाला गया।
लगभग 1400 साल पहले कर्बला के मैदान में ज़ालिम यज़ीद द्वारा पैगंबर-ए-इस्लाम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन, उनके 6 माह के मासूम बच्चे अली असग़र और परिजनों को तीन दिनों तक भूखा-प्यासा रखकर शहीद कर दिया गया था। उसी महान शहादत और कुर्बानी को याद करते हुए समुदाय के लोगों ने काले लिबास पहनकर उत्तर प्रदेश बांदा से आए अंजुमने अब्बासिया, मौलाना सय्यद शमीम हैदर रिजवी, फैजाबाद ने खिताब फरमाया,अज़ादारी की और नौहाख्वानी व सीनाज़नी करते हुए मातमी जुलूस निकाला।
जुलूस निर्धारित पारंपरिक मार्गों से होकर गुज़रा: शुरुआत: शिया, इमामबारगाह नजीराबाद, पेट्रोल पंप के पीछे से होते हुए डाली बाबा क्षेत्र,गौशाला चौक,सिटी कोतवाली मार्ग
बिहारी चौक से होते हुए, अहिंसा चौक पन्नीलाल चौक में जुलूस का समापन हुआ I
*अकीदत का नज़ारा*
जुलूस के दौरान अज़ादारों ने काले कपड़े पहनकर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया और 'या हुसैन' की सदाएं बुलंद कीं।
सुरक्षा व्यवस्था: जुलूस के दौरान शांति व सुरक्षा बनाए रखने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। शिया मुस्लिम समुदाय ने, व्यापारी और शासन प्रशासन ने इस मातमी जुलूस में सहयोग बनाए रखने पर तहे दिल से आभार व्यक्त किया I