टीईटी (TET) परीक्षा अनिवार्यता के विरोध में लहार के शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
विकासखंड लहार के अंतर्गत आज दिनांक 16 जून 2026 को वर्ष 2009 और 2017 के नियमों में संशोधन की मांग को लेकर, शिक्षकों ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया, शिक्षकों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) लहार के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी भारत सरकार के नामक एक ज्ञापन सौपा,ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने मांग की है कि वर्ष- 2009 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए, शिक्षकों का तर्क है कि उनके पास वर्षों का शैक्षणिक अनुभव है, इसलिए उन्हें इस परीक्षा के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए,इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से जानकी नंदन समाधिया, रघुनन्दन सिंह,महेंद्र सिंह,शैलेन्द्र चौधरी,रामेन्द्र सिंह,देवेंद्र प्रजापति, उमाशंकर त्रिपाठी, नाहर सिंह, शिवमंगल दुवे ,सौरव ओझा,योगेश श्रीवास्तव, कौशलेंद्र सिंह,चंद्रशेखर पाण्डेय,संजय वर्मा ,हरेंद्र सिंह, सतीश श्रीवास्तव, रामजीलाल उपाध्याय,राजेश सिंह चौहान, उमाशंकर शर्मा ,इक्षाशंकर शर्मा,अजय शर्मा, भानसिंह, श्रीमती अमिता गुप्ता, धर्मैन्द्र तिवारी,बलिराम दोहरे,सूर्यबली चौहान, हमीद खान,राकेश राठौर,संतोष शर्मा, अजय शर्मा,शशिकांत कुशवाहा,महेश चंद्र दिवाकर,संजय कांकोरिया, हरिद्वार दोहरे,भवानी प्रसाद, धर्मैन्द्र दौहरे और राजा सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक साथी सम्मिलित रहे, उपस्थित सभी शिक्षकों ने एक सुर में अपनी मांग को सरकार तक पहुँचाने और जल्द निराकरण करने की अपील की है।