जसरा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर उठे सवाल, मरीज ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप
प्रयागराज। बारा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा गिजं गांव निवासी पन्नालाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसरा की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मरीज का कहना है कि अस्पताल में आने वाले लोगों को समुचित उपचार नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पन्नालाल के अनुसार, जब वह इलाज के लिए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जसरा पहुंचे तो वहां मौजूद चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ देने के बजाय बाहर से एक्स-रे कराने की सलाह दी। उनका आरोप है कि डॉक्टरों के निर्देश पर उन्होंने निजी केंद्र से एक्स-रे कराया, लेकिन रिपोर्ट लेकर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे देखने के बाद यह कहकर टाल दिया कि यह रिपोर्ट उनके काम की नहीं है।
मरीज का कहना है कि सरकारी अस्पतालों का उद्देश्य आम लोगों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन जसरा स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बार-बार बाहर भेजा जा रहा है। इससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी अस्पताल में आवश्यक जांच और उपचार की व्यवस्था नहीं है तो मरीज आखिर कहां जाएं।
पन्नालाल ने कहा कि अस्पताल में मौजूद सुविधाओं और चिकित्सकीय सेवाओं की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि कई मरीजों को इसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
मामले को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने भी स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की कार्यप्रणाली की जांच कराने तथा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह मामला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
Bara, Allahabad | Jun 16, 2026