नैक मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय ने रोजगारपरक शिक्षा की दिशा में बढ़ाया कदम, उद्योगों से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम युवाओं के लिए खोलेंगे करियर के नए द्वार
सतना। तेजी से बदलते औद्योगिक और तकनीकी परिवेश में पारंपरिक डिग्रियां अब अकेले रोजगार की गारंटी नहीं रहीं। उद्योग ऐसे युवाओं की तलाश में हैं, जिनके पास विषयगत ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, आधुनिक तकनीकों की समझ और कार्यस्थल का अनुभव भी हो। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नैक मान्यता प्राप्त एकेएस विश्वविद्यालय, सतना ने उद्योगों के सहयोग से अनेक अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार के लिए पूर्णतः सक्षम बनाना है।
विश्वविद्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप तैयार किए गए ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को केवल कक्षागत शिक्षा तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली, अत्याधुनिक तकनीकों, व्यावसायिक दक्षताओं और कार्य संस्कृति से भी परिचित कराते हैं। इससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी और उन्हें देश-विदेश के प्रतिष्ठित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सल केबल्स लिमिटेड के सहयोग से बी.टेक./एम.टेक./सर्टिफिकेट इन केबल एंड वायर टेक्नोलॉजी, इंडो जर्मन टूल रूम के सहयोग से बी.टेक. इन टूल इंजीनियरिंग, थिंक साइबर प्रो के सहयोग से बी.टेक. एवं बीसीए इन साइबर सिक्योरिटी तथा बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (बीओएटी), वेस्टर्न रीजन, मुंबई के सहयोग से बी.एससी. इन हेल्थ केयर मैनेजमेंट, बी.एससी. इन इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स, बी.कॉम. इन बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (बीएफएसआई), बीबीए इन इवेंट मैनेजमेंट, बीबीए इन रियल एस्टेट एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट तथा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा एवं बी.टेक. इन डेयरी टेक्नोलॉजी जैसे अनेक व्यावसायिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए हैं।
इन पाठ्यक्रमों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता अप्रेंटिसशिप आधारित शिक्षण व्यवस्था है। इसके अंतर्गत विद्यार्थी अध्ययन के साथ ही उद्योगों में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इससे उन्हें वास्तविक कार्यानुभव, आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के उपयोग, समस्या समाधान, टीम भावना, समयबद्ध कार्य संस्कृति तथा व्यावसायिक अनुशासन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। यही अनुभव उन्हें रोजगार बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और अध्ययन पूर्ण होने के साथ ही बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार इन पाठ्यक्रमों का विकास एनसीवीईटी, यूजीसी, सीआरआईएसपी तथा मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है। इनके संचालन एवं गुणवत्ता की सतत निगरानी संबंधित संस्थाओं और औद्योगिक सहयोगी प्रतिष्ठानों द्वारा की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त हो सके।
पत्रकार वार्ता में करियर परामर्श, लक्ष्य निर्धारण, रोजगार पूर्व प्रशिक्षण, उद्योग–शिक्षा समन्वय, कौशल विकास, उच्च शिक्षा तथा अनुसंधान की संभावनाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विंध्य क्षेत्र सहित देशभर के युवाओं को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराना है, जो उन्हें केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि कुशल, आत्मनिर्भर, नवाचारोन्मुख और उद्योगों की पहली पसंद बनने योग्य पेशेवर बनाए।
पत्रकार वार्ता के दौरान विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति इंजी. अनंत कुमार सोनी, कुलपति प्रो. बी. ए. चोपड़े, प्रति कुलपति डॉ. हर्षवर्धन, कुलसचिव प्रो. आर. एस. त्रिपाठी, विपणन प्रमुख अविनाश मिश्रा, विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुधीर कुमार जैन, प्राध्यापक प्रो. एल. एन. शर्मा तथा विश्वविद्यालय परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे।