एनटीपीसी कांटी में ऐश डाइक ब्रीच की आपात स्थिति पर संयुक्त मॉक ड्रिल*
एनटीपीसी कांटी में शनिवार को ऐश डाइक लैगून-2 में ब्रीच तथा तीन व्यक्तियों के डूबने की आपात स्थिति को लेकर संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया एवं आपसी समन्वय का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल का संचालन सीआईएसएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं एनटीपीसी कांटी प्रबंधन के संयुक्त समन्वय से किया गया। आपातकालीन सूचना प्राप्त होते ही निर्धारित आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल के तहत संबंधित टीमों को सक्रिय किया गया। फायर टीम, चिकित्सा दल, सिविल टीम, सुरक्षा कर्मियों तथा अन्य संबंधित टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्यों का अभ्यास किया। साथ ही, ब्रीच को नियंत्रित करने और आसपास के क्षेत्र में पानी के बहाव को सीमित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
पूरे आपदा परिदृश्य को लगभग 44 मिनट में नियंत्रित किया गया तथा प्रातः 11:50 बजे ऑल क्लियर सिग्नल दिया गया। इसके बाद असेंबली प्वाइंट के निकट समापन चर्चा एवं ब्रीफिंग आयोजित की गई, जिसमें मॉक ड्रिल के दौरान की गई कार्रवाई एवं प्राप्त अवलोकनों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर एनटीपीसी कांटी के हेड ऑफ प्रोजेक्ट श्री पंकज कुमार गुप्ता ने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल आपात परिस्थितियों में तैयारियों को परखने और विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने मॉक ड्रिल में शामिल सभी टीमों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
मॉक ड्रिल के दौरान उप मुख्य निरीक्षक कारखाना, मुजफ्फरपुर श्री अनिल कुमार तथा एनडीआरएफ, पटना के श्री दीपक कुमार, एसआई सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के उपरांत बाहरी पर्यवेक्षकों एवं संबंधित टीमों द्वारा अपने सकारात्मक सुझाव एवं महत्वपूर्ण अवलोकन साझा किए गए।
मॉक ड्रिल के दौरान बचाव एवं चिकित्सा दल का रिस्पॉन्स टाइम संतोषजनक रहा तथा समन्वित प्रयासों के माध्यम से निर्धारित आपदा परिदृश्य को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया।