आर.डी.एस. कॉलेज में 'साइलेंट विक्टिम्स ऑफ़ वॉर' विषय पर संगोष्ठी आयोजित; युद्ध के दुष्प्रभावों पर वक्ताओं ने रखे विचार:
आर.डी.एस. कॉलेज के रसायनशास्त्र विभाग के तत्वावधान में आज दिनांक 26 सितंबर 2026 को विषय पर एक उच्चस्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं वरीय प्राध्यापक डॉ. रमेश कुमार ने की।
समारोह की शुरुआत करते हुए रसायनशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने संगोष्ठी का बीज वक्तव्य रखा और 26 सितंबर को 'अंतर्राष्ट्रीय परमाणु हथियार उन्मूलन दिवस' के रूप में मनाए जाने के ऐतिहासिक व सामयिक महत्व पर प्रकाश डाला।
रसायनशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ. अंबिका श्रीवास्तव ने पर्यावरण पर युद्ध के घातक प्रभावों की चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार युद्धों में प्रयुक्त होने वाले विषैले रसायन हमारी धरती, जल और वायु को गंभीर रूप से प्रदूषित कर रहे हैं, जिसके दूरगामी परिणाम संपूर्ण मानवता भुगत रही है।
राजनीतिशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रजनीकांत पांडेय ने मानवता पर युद्ध के विमर्श को आगे बढ़ाते हुए कहा कि युद्ध का संकट केवल सरहद पर डटे सैनिकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह आम नागरिकों के जीवन, सपनों और भविष्य को तहस-नहस कर देता है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों को रेखांकित किया।
अर्थशास्त्र विभाग की प्राध्यापिका डॉ. श्रुति मिश्रा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर युद्ध की मार का विश्लेषण करते हुए बताया कि इन संघर्षों के आर.डी.एस. कॉलेज में 'साइलेंट विक्टिम्स ऑफ़ वॉर' विषय पर संगोष्ठी आयोजित; युद्ध के दुष्प्रभावों पर वक्ताओं ने रखे विचार: