विंध्यनगर-तेलगवा मार्ग पर फ्लाई राख परिवहन और प्रदूषण पर रोक लगाने पार्षद ने एनटीपीसी को लिखा पत्र
सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 36 (लाल बहादुर शास्त्री) के पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने एनटीपीसी विंध्याचल एवं एनटीपीसी सिंगरौली (शक्तिनगर) के परियोजना प्रमुखों को रिमाइंडर पत्र भेजकर विंध्यनगर से तेलगवा मार्ग पर फ्लाई राख (Fly Ash) के अनियंत्रित परिवहन, सड़क जाम और फैलते प्रदूषण पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने तथा राख परिवहन के लिए अलग मार्ग बनाए जाने की मांग की है।
पार्षद ने पत्र में उल्लेख किया है कि विंध्यनगर, जयनगर से तेलगवा मुख्य मार्ग पर एनटीपीसी परियोजना का फ्लाई राख भारी वाहनों के माध्यम से दिन-रात ढोया जा रहा है। इन भारी वाहनों के सड़क पर खड़े रहने से लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। जयनगर में मुख्य सड़क पर विंध्यनगर की राख डंप किए जाने तथा तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही से स्कूली बच्चों, मजदूरों और स्थानीय नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ गया है। उड़ती राख और दुर्घटनाओं के कारण लोगों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पत्र में उठाई गई मुख्य मांगें:
सड़क निर्माण व चौड़ीकरण: विंध्यनगर से तेलगवा तक एवं तेलगवा रेलवे क्रासिंग से मटवई तक सड़क की तत्काल मरम्मत, निर्माण और चौड़ीकरण कराया जाए।
राख परिवहन हेतु पृथक मार्ग: शाहपुर एस डाइक से विंध्यनगर-तेलगवा मार्ग होकर हो रहे राख परिवहन के लिए अलग मार्ग बनाया जाए।
ओवरलोडिंग व समय-सीमा पर नियंत्रण: खुले में राख परिवहन, ओवरलोडिंग तथा सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक राख परिवहन पर प्रतिबंध लगाया जाए। तेज गति से दौड़ रहे अवैध वाहनों पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
जल एवं वायु प्रदूषण पर लगे रोक
एनटीपीसी व एनसीएल परियोजनाओं का प्रदूषित गंदा पानी विंध्यनगर सूर्यनाला, मटवई बलियानाला में छोड़ने पर रोक लगे, जिससे रिहंद जलाशय, कुओं और चापाकलों का पानी दूषित हो रहा है।
चिमनियों से फैलते धुएं व राख पर नियंत्रण: एनटीपीसी की चिमनियों से निकलने वाले विषैले धुएं और उड़ती फ्लाई राख पर अनिवार्य रूप से प्रतिबंध लगाया जाए।
पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने चेतावनी दी है कि पूर्व में भी कई बार पत्र दिए जाने के बावजूद एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए जनहित में त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि उचित कार्रवाई एवं सूचनार्थ हेतु जिलाध्यक्ष/कलेक्टर सिंगरौली को भी प्रेषित की गई है।