## nis:value=## nis:enabled=true @## समाहरणालय, खगड़िया
**दिनांक : 29 सितंबर 2026**
## **जिलाधिकारी ने मछुआरों से किया संवाद, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने एवं खगड़िया को समेकित मात्स्यिकी क्लस्टर के रूप में विकसित करने पर हुई चर्चा**
**खगड़िया, 29 सितंबर 2026।** जिलाधिकारी खगड़िया **श्री विक्रम विरकर** की अध्यक्षता में अलौली प्रखंड अंतर्गत फुलतौड़ा पंचायत के वार्ड संख्या-11 में मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रतिनिधियों, मछुआरा सदस्यों एवं मत्स्य पालकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मछुआरों की समस्याओं, उनकी आजीविका से जुड़े विषयों तथा जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
संवाद के दौरान मछुआरा सदस्यों द्वारा **जलकरों की बंदोबस्ती एवं प्रबंधन, मत्स्य बीज की उपलब्धता, जलकरों में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, मछली के बाजार की व्यवस्था, केज कल्चर एवं पेन कल्चर तथा नाव-जाल उद्योग** स्थापित करने सहित विभिन्न सुझाव जिलाधिकारी के समक्ष रखे गए।
जिलाधिकारी श्री विक्रम विरकर ने मछुआरा समुदाय की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों को समस्याओं के यथोचित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खगड़िया जिला नदियों, चौर-मौन, धार, जलकरों एवं अन्य प्राकृतिक जल संसाधनों से समृद्ध है। इन संसाधनों का **वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध तरीके से उपयोग** कर जिले में मत्स्य उत्पादन तथा मछुआरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि खगड़िया जिले में अंतर्देशीय मत्स्य संसाधनों की बहुलता एवं देशी मछलियों की विभिन्न प्रजातियों की उपलब्धता के कारण मात्स्यिकी क्षेत्र के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। जिले में सरकारी एवं निजी जलकरों, तालाबों, चौरों, मौनों एवं अन्य जल निकायों के साथ-साथ गंगा, कोसी, बागमती, कमला एवं बूढ़ी गंडक नदी प्रणालियों से संबद्ध विभिन्न धाराओं एवं उपधाराओं का विस्तृत जल संसाधन तंत्र मौजूद है।
जिलाधिकारी ने कहा कि **जिला प्रशासन का उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का सतत एवं समग्र विकास करते हुए मछुआरा समुदाय की आजीविका को सुदृढ़ करना तथा खगड़िया को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी जिला के रूप में विकसित करना है।** इसके लिए पारंपरिक तालाब आधारित मत्स्य पालन के साथ आर्द्रभूमि एवं नदीय मत्स्य पालन, केज कल्चर, पेन कल्चर तथा मत्स्य मूल्य-संवर्धन श्रृंखला को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने मछुआरा समुदाय से भी योजनाओं का लाभ उठाने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में **जिला मत्स्य पदाधिकारी, खगड़िया, अनुमंडल पदाधिकारी, खगड़िया, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अलौली, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी**, मत्स्यजीवी सहयोग समिति के प्रतिनिधि तथा लगभग **40 से 50 मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मछुआरा सदस्य** उपस्थित रहे।
Khagaria, Bihar | Sep 29, 2026