*'साइबर वज्र' अभियान: इन्वेस्टमेंट के नाम पर 54 करोड़ की ठगी करने वाले 4 गिरफ्तार*
*बस्ती उत्तर प्रदेश 11 जुलाई 2026*
*बस्ती।* DGP उत्तर प्रदेश राजीव कृष्णा के 'साइबर वज्र' अभियान के तहत बस्ती साइबर क्राइम पुलिस ने इन्वेस्टमेंट और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 54 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
*अपराध करने का तरीका - ऐसे फंसाते थे लोग*
यह संगठित गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था।
1. *सोशल मीडिया पर जाल*: सबसे पहले फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर "गारंटेड रिटर्न", "घर बैठे लाखों कमाएं", "बिना रिस्क शेयर ट्रेडिंग" जैसे आकर्षक विज्ञापन चलाए जाते थे।
2. *फर्जी ऐप और ग्रुप*: पीड़ित को एक प्रोफेशनल दिखने वाले ट्रेडिंग ऐप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता था। वहां फर्जी प्रॉफिट दिखाकर भरोसा जीता जाता था।
3. *कॉर्पोरेट अकाउंट में ट्रांसफर*: शुरू में छोटी रकम पर थोड़ा मुनाफा देकर पीड़ित से लाखों रुपये मंगवाए जाते थे। यह पैसा कॉर्पोरेट सेक्टर या फर्जी फर्मों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था।
4. *पैसा गायब*: जैसे ही मोटी रकम जमा हो जाती, ऐप बंद कर दिया जाता और फोन स्विच ऑफ। ठगा हुआ पैसा तुरंत अलग-अलग खातों में बांटकर नेपाल, दुबई, कम्बोडिया भेज दिया जाता था।
5. *बैंक किट का खेल*: मुख्य सरगना अशफाक अहमद भारत में फर्जी दस्तावेजों पर कंपनियों के बैंक अकाउंट खुलवाकर उनकी पूरी नेट बैंकिंग किट विदेश बैठे साथियों को देता था।
NCRP पोर्टल पर इनके 5 खातों के खिलाफ देशभर से 77 शिकायतें हैं। 1 साल में करीब 2.5 करोड़ सीधे जमा हुए, जबकि कुल ठगी 54 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
*साइबर क्राइम पुलिस का जनता के लिए विस्तृत बचाव और सतर्कता संदेश*
*1. लालच सबसे बड़ा जाल है*
"बिना मेहनत पैसा", "1 लाख लगाओ 10 लाख पाओ", "15 दिन में डबल" जैसे वादों पर भरोसा मत कीजिए। कोई भी लीगल कंपनी गारंटी के साथ मुनाफे का वादा नहीं करती। याद रखें - *जितना बड़ा लालच, उतना बड़ा खतरा।*
*2. सोशल मीडिया विज्ञापन की जांच जरूर करें*
फेसबुक/इंस्टा पर दिखने वाले हर इन्वेस्टमेंट विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा न करें। कंपनी का नाम, पता, SEBI रजिस्ट्रेशन नंबर गूगल पर सर्च करें। अनजान नंबर से आने वाले टेलीग्राम/व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक न करें।
*3. पैसा मांगने पर तुरंत रुक जाएं*
कोई भी कंपनी, ब्रोकर या "एडवाइजर" आपको रजिस्ट्रेशन फीस, टैक्स, जीएसटी, मार्जिन मनी या प्रॉफिट निकालने के लिए पहले पैसा जमा करने को कहे तो 100% फ्रॉड है। असली ब्रोकरेज सीधे आपके ट्रेड से कटती है, पहले नहीं मांगी जाती।
*4. बैंक अकाउंट और OTP किसी से शेयर न करें*
कॉल, मैसेज या ऐप पर कोई आपसे OTP, CVV, नेट बैंकिंग पासवर्ड, स्क्रीन शेयरिंग मांगे तो तुरंत फोन काट दें। सरकारी एजेंसी या बैंक कभी फोन पर OTP नहीं मांगते।
*5. MLM और चेन बनाने वाली कंपनियों से दूर रहें*
अगर कोई आपको नौकरी के बजाय "10 लोगों को जोड़ो और कमीशन पाओ" कहे तो समझ जाएं यह पिरामिड स्कीम है। यह अवैध है और अंत में आपका ही पैसा डूबेगा।
*6. निवेश से पहले 3 काम जरूर करें*
MCA वेबसाइट पर कंपनी चेक करें। SEBI की वेबसाइट पर ब्रोकर/एडवाइजर का नाम देखें। कंपनी का फिजिकल ऑफिस और जीएसटी नंबर वेरीफाई करें।
*7. ठगी हो जाए तो देर न करें*
तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और http://www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, आपके पैसे रुकने की संभावना उतनी ज्यादा होगी। सबूत - चैट, UPI ID, अकाउंट नंबर संभालकर रखें।साइबर क्राइम पुलिस बस्ती का अंतिम संदेश: सतर्क रहें,
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
1 रामकुमार राजभर प्रभारी निरीक्षक, साइबर थाना
बस्ती 2. भगवान सिंह - निरीक्षक, साइबर थाना बस्ती
3. विकास यादव - निरीक्षक, प्रभारी SOG बस्ती मय टीम
4. शेषनाथ याद्व - उप निरशीक्षक, प्रभारी साइबर सेल
बस्ती मय टीम
5. शेषनाथ गॉड - उप निरीक्षक, साइबर सेल बस्ती मय
टीम 6. न्रषिवेद - मुख्य आरक्षी, साइबर थाना बस्ती
7. इशांत कुमार - आरक्षी, साइबर थाना बस्सी
सुरक्षित रहें। पैसा आपका है, फैसला भी आपका। लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई मत गंवाइए।*
*संवाददाता: हरी ओम प्रकाश*
राष्ट्रीय हिंदी दैनिक कौटिल्य का भारत
Basti, Basti | Jul 11, 2026