• सफलता की कहानी
• संत रविदास स्वरोजगार योजना से आत्मनिर्भर बने युवा सार्थक दिनकर
• 18 लाख रुपये के ऋण से शुरू किया सेनेटरी एवं हार्डवेयर व्यवसाय, अब सालाना 20 से 25 लाख रुपये का कारोबार
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प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाला बनाने के उद्देश्य से विभिन्न स्वरोजगार योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को आसान ऋण, अनुदान और आवश्यक मार्गदर्शन देकर आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। ऐसी ही एक योजना संत रविदास स्वरोजगार योजना ने सीहोर जिले के युवा सार्थक दिनकर के जीवन को नई दिशा दी है।
सीहोर निवासी 21 वर्षीय युवा सार्थक दिनकर का सपना था कि वे अपना स्वयं का सेनेटरी एवं हार्डवेयर का व्यवसाय स्थापित करें। उनके पास व्यवसाय की स्पष्ट योजना और काम करने का उत्साह तो था, लेकिन पर्याप्त पूंजी न होने के कारण उनका सपना साकार नहीं हो पा रहा था।
इसी दौरान उन्हें संत रविदास स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। उन्होंने जिला अंत्यावसायी कार्यालय, सीहोर से संपर्क कर योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन किया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें योजना के तहत 18 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।
ऋण राशि प्राप्त होने के बाद सार्थक ने सीहोर में अपनी सेनेटरी एवं हार्डवेयर की दुकान शुरू की। आज उनका व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और उनकी दुकान से प्रतिवर्ष लगभग 20 से 25 लाख रुपये के सामान की बिक्री हो रही है। उनका व्यवसाय न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार कर रहा है।
सार्थक दिनकर का कहना है कि यदि उन्हें संत रविदास स्वरोजगार योजना का सहयोग नहीं मिला होता, तो शायद उनका सपना साकार न हो पाता। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का सशक्त माध्यम है।
सार्थक दिनकर की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और शासन की योजनाओं का लाभ मिलने पर युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि समाज और प्रदेश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
क्या है संत रविदास स्वरोजगार योजना?
संत रविदास स्वरोजगार योजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को स्वयं का व्यवसाय, उद्योग या सेवा इकाई स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से युवाओं को बैंकों के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है तथा पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मार्जिन मनी एवं ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
कैसे करें आवेदन?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र युवा अपने जिले के जिला अंत्यावसायी कार्यालय अथवा मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, समग्र आईडी, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता, बैंक खाते का विवरण तथा प्रस्तावित व्यवसाय की परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाता है।
11 views | Sehore, Madhya Pradesh | Jul 24, 2026