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सावन से पहले बक्सर व्यवहार न्यायालय में दिखा सांप, फॉर्म रूम में मची हलचल कर्मचारियों में कुछ देर रहा भय और कौतूहल का माहौल, देखने के लिए जुटी भीड़ विशेषज्ञ बोले- वर्षा ऋतु में बिलों में पानी भरने से सुरक्षित स्थान की तलाश में बाहर निकलते हैं सांप बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर : सावन माह शुरू होने से ठीक पहले गुरुवार को बक्सर व्यवहार न्यायालय परिसर के फॉर्म रूम में अचानक सांप निकल आने से कर्मचारियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. सांप पर नजर पड़ते ही वहां मौजूद कर्मचारियों ने सतर्कता दिखाते हुए सुरक्षित दूरी बना ली. घटना की जानकारी मिलते ही न्यायालय परिसर के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए, जिससे कुछ समय तक वहां लोगों की भीड़ लगी रही. हालांकि, किसी के हताहत होने या किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है. सावन से पहले चर्चा का बना विषय घटना के बाद न्यायालय परिसर में सांप निकलने की खबर चर्चा का विषय बन गई. सावन शुरू होने से पहले सांप दिखाई देने पर कर्मचारियों और उपस्थित लोगों के बीच तरह-तरह की बातें होने लगीं. कुछ लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए शुभ संकेत बताया, जबकि कई लोगों ने इसे मानसून के दौरान होने वाली सामान्य प्राकृतिक घटना बताया. समय रहते बरती गई सतर्कता सांप दिखाई देते ही कर्मचारियों ने घबराने के बजाय सावधानी बरती और उससे दूरी बनाए रखी. इसी सतर्कता के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. घटना के बाद कुछ समय तक कर्मचारियों में भय और कौतूहल का वातावरण बना रहा. विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा ऋतु में बिलों और जमीन के भीतर पानी भर जाने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर निकल आते हैं. ऐसे समय में सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास नहीं करना चाहिए. इसकी सूचना प्रशिक्षित सर्प-रक्षक या वन विभाग को देना सबसे सुरक्षित और उचित उपाय माना जाता है.

Buxar, Buxar | Jul 2, 2026

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थर्मल पावर परिसर में मजदूर की मौत, विरोध में सड़क जाम
तस्वीर : तालाब के पास जमा भीड़ व सड़क अवरूद्ध किए जाने से खड़े वाहन  
विस्तृत खबर का लिंक नीचे कमेंट बॉक्स में है

थर्मल पावर परिसर में मजदूर की मौत, विरोध में सड़क जाम तस्वीर : तालाब के पास जमा भीड़ व सड़क अवरूद्ध किए जाने से खड़े वाहन विस्तृत खबर का लिंक नीचे कमेंट बॉक्स में है

Buxar, Buxar | Jul 2, 2026

बारिश में भी नहीं थमा शिक्षकों का आंदोलन, बक्सर से सरकार को दी निर्णायक लड़ाई की चेतावनी ..

- वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म करने की मांग पर धरने के बाद समाहरणालय तक निकाली पदयात्रा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

- कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में जुटे शिक्षक-कर्मचारी बोले- सम्मानजनक वेतन, पेंशन और सेवा सुरक्षा मिलने तक जारी रहेगा महाआंदोलन

बक्सर. लगातार हो रही बारिश भी वित्त रहित शिक्षकों के हौसले को डिगा नहीं सकी. बुधवार को जिला मुख्यालय में वित्त रहित शिक्षा नीति के विरोध में राज्यव्यापी महाआंदोलन के तीसरे चरण के तहत बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य और कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी धरना स्थल पर जुटे. धरने के बाद आंदोलनकारियों ने समाहरणालय तक पदयात्रा निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.

बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा की मांग प्रमुखता से उठाई गई.

मुख्य वक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद के डॉ. संजय यादव ने कहा कि चार दशकों से वित्त रहित शिक्षक सीमित संसाधनों में बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं, लेकिन आज भी वे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि अरवल और भोजपुर के बाद बक्सर में मिला व्यापक समर्थन इस बात का संकेत है कि शिक्षक समाज अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता एस.एम. कॉलेज, डुमरांव के डॉ. मनोज कुमार ने की. उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षक वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी लगातार उपेक्षा कर रही है. अब समय आ गया है कि शिक्षकों को सम्मानजनक जीवन, नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए.

धरना के दौरान वक्ताओं ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, वित्त रहित महाविद्यालयों एवं विद्यालयों का समायोजन करने, नियमित वेतनमान, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तथा प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज स्थापना योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देने की मांग दोहराई.

धरना के बाद शिक्षक एवं कर्मचारियों ने बैनर और तख्तियों के साथ समाहरणालय तक पदयात्रा निकाली. वहां प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.

कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी, बक्सर के अध्यक्ष मुन्ना उपाध्याय, डॉ. धनंजय पाठक, डॉ. गोपाल जी, डॉ. मंजू कुमार, डॉ. नागेंद्र सिंह, प्रो. इन्द्रमणि लाल, सुरेन्द्र सिंह यादव, प्रो. अजय कुमार, मनोज कुमार, मंगलेश कुमार, प्रो. डॉ. प्रियदर्शन भगवान, अजीत कुमार, प्रो. परमहंसनाथ राय, प्रो. लखन लाल गुप्ता, पूजा कुमारी, देवन्ती गुप्ता, कुसुम देवी, भारत प्रसाद सहित विभिन्न वित्त रहित महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शिक्षा प्रेमी उपस्थित रहे.

सभा के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने तक राज्यव्यापी महाआंदोलन लगातार जारी रहेगा. वक्ताओं ने कहा कि यह केवल शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संघर्ष है.

बारिश में भी नहीं थमा शिक्षकों का आंदोलन, बक्सर से सरकार को दी निर्णायक लड़ाई की चेतावनी .. - वित्त रहित शिक्षा नीति खत्म करने की मांग पर धरने के बाद समाहरणालय तक निकाली पदयात्रा, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन - कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में जुटे शिक्षक-कर्मचारी बोले- सम्मानजनक वेतन, पेंशन और सेवा सुरक्षा मिलने तक जारी रहेगा महाआंदोलन बक्सर. लगातार हो रही बारिश भी वित्त रहित शिक्षकों के हौसले को डिगा नहीं सकी. बुधवार को जिला मुख्यालय में वित्त रहित शिक्षा नीति के विरोध में राज्यव्यापी महाआंदोलन के तीसरे चरण के तहत बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, प्राचार्य और कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी धरना स्थल पर जुटे. धरने के बाद आंदोलनकारियों ने समाहरणालय तक पदयात्रा निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन, शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सम्मानजनक नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा की मांग प्रमुखता से उठाई गई. मुख्य वक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रभारी प्राचार्य, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद के डॉ. संजय यादव ने कहा कि चार दशकों से वित्त रहित शिक्षक सीमित संसाधनों में बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं, लेकिन आज भी वे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि अरवल और भोजपुर के बाद बक्सर में मिला व्यापक समर्थन इस बात का संकेत है कि शिक्षक समाज अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार है. कार्यक्रम की अध्यक्षता एस.एम. कॉलेज, डुमरांव के डॉ. मनोज कुमार ने की. उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षक वर्षों से विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी लगातार उपेक्षा कर रही है. अब समय आ गया है कि शिक्षकों को सम्मानजनक जीवन, नियमित वेतनमान और सेवा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए. धरना के दौरान वक्ताओं ने वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने, वित्त रहित महाविद्यालयों एवं विद्यालयों का समायोजन करने, नियमित वेतनमान, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन, दिवंगत शिक्षकों के आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तथा प्रखंड स्तरीय डिग्री कॉलेज स्थापना योजना में पहले से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता देने की मांग दोहराई. धरना के बाद शिक्षक एवं कर्मचारियों ने बैनर और तख्तियों के साथ समाहरणालय तक पदयात्रा निकाली. वहां प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी, बक्सर के अध्यक्ष मुन्ना उपाध्याय, डॉ. धनंजय पाठक, डॉ. गोपाल जी, डॉ. मंजू कुमार, डॉ. नागेंद्र सिंह, प्रो. इन्द्रमणि लाल, सुरेन्द्र सिंह यादव, प्रो. अजय कुमार, मनोज कुमार, मंगलेश कुमार, प्रो. डॉ. प्रियदर्शन भगवान, अजीत कुमार, प्रो. परमहंसनाथ राय, प्रो. लखन लाल गुप्ता, पूजा कुमारी, देवन्ती गुप्ता, कुसुम देवी, भारत प्रसाद सहित विभिन्न वित्त रहित महाविद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, कांग्रेस सेवा दल के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शिक्षा प्रेमी उपस्थित रहे. सभा के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सरकार द्वारा मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने तक राज्यव्यापी महाआंदोलन लगातार जारी रहेगा. वक्ताओं ने कहा कि यह केवल शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने का संघर्ष है.

Buxar, Buxar | Jul 2, 2026

श्रेय की राजनीति छोड़िए, जनता की परेशानी दूर कीजिए...

इटाढ़ी रेलवे गुमटी बंद होने से आम लोग, छात्र, मरीज और सैकड़ों गांवों के निवासी रोज़ाना जाम की मार झेल रहे हैं। इस मुद्दे पर एबीवीपी के विभाग संयोजक अविनाश पांडे ने जनप्रतिनिधियों, रेलवे और जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के हित से बड़ा कोई दल नहीं है। उन्होंने 4 जुलाई को कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन को भी जनहित का मुद्दा बताते हुए समर्थन देने की बात कही।

क्या अब जनता को राहत मिलेगी या श्रेय की राजनीति ही चलती रहेगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
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श्रेय की राजनीति छोड़िए, जनता की परेशानी दूर कीजिए... इटाढ़ी रेलवे गुमटी बंद होने से आम लोग, छात्र, मरीज और सैकड़ों गांवों के निवासी रोज़ाना जाम की मार झेल रहे हैं। इस मुद्दे पर एबीवीपी के विभाग संयोजक अविनाश पांडे ने जनप्रतिनिधियों, रेलवे और जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के हित से बड़ा कोई दल नहीं है। उन्होंने 4 जुलाई को कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन को भी जनहित का मुद्दा बताते हुए समर्थन देने की बात कही। क्या अब जनता को राहत मिलेगी या श्रेय की राजनीति ही चलती रहेगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। #Buxar #BuxarTopNews #ABVP #Congress #ItaadhiRailwayGumti #TrafficJam #BiharNews #BreakingNews #PublicIssue #LocalNews #HindiNews #BiharPolitics #ViralNews #BuxarUpdates

Buxar, Buxar | Jul 2, 2026

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला गरमाया, बिलौटी पहुंचे माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य; निष्पक्ष जांच की उठी मांग

दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग

पीड़ित परिवार से मिलकर नेताओं ने न्याय दिलाने का दिया भरोसा

बक्सर. भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत का मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है. बुधवार को माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ बिलौटी पहुंचे, जहां उन्होंने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके परिजनों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई.

प्रतिनिधिमंडल में पालीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत सिंह कुशवाहा, माले नेता एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राजू यादव समेत कई नेता शामिल रहे. सभी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया.

प्रतिनिधिमंडल ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया, जहां 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हुई थी. इसके बाद नेताओं ने जवईनिया गांव पहुंचकर बाढ़ से विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली. ग्रामीणों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भरत तिवारी विस्थापित परिवारों के अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे.

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों की अविलंब गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. वहीं पूर्व विधायक डॉ. अजीत सिंह कुशवाहा ने कहा कि पीड़ित परिवार के न्याय की लड़ाई में वे हर स्तर पर साथ खड़े रहेंगे.

नेताओं ने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब केवल एक गांव या क्षेत्र का मुद्दा नहीं रह गया है. उनका कहना था कि भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद और वामपंथी दलों सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है.

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला गरमाया, बिलौटी पहुंचे माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य; निष्पक्ष जांच की उठी मांग दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पीड़ित परिवार से मिलकर नेताओं ने न्याय दिलाने का दिया भरोसा बक्सर. भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत का मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है. बुधवार को माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ बिलौटी पहुंचे, जहां उन्होंने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके परिजनों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई. प्रतिनिधिमंडल में पालीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत सिंह कुशवाहा, माले नेता एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राजू यादव समेत कई नेता शामिल रहे. सभी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया. प्रतिनिधिमंडल ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया, जहां 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हुई थी. इसके बाद नेताओं ने जवईनिया गांव पहुंचकर बाढ़ से विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली. ग्रामीणों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भरत तिवारी विस्थापित परिवारों के अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे. श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों की अविलंब गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. वहीं पूर्व विधायक डॉ. अजीत सिंह कुशवाहा ने कहा कि पीड़ित परिवार के न्याय की लड़ाई में वे हर स्तर पर साथ खड़े रहेंगे. नेताओं ने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब केवल एक गांव या क्षेत्र का मुद्दा नहीं रह गया है. उनका कहना था कि भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद और वामपंथी दलों सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है.

Buxar, Buxar | Jul 2, 2026