भरत तिवारी एनकाउंटर मामला गरमाया, बिलौटी पहुंचे माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य; निष्पक्ष जांच की उठी मांग
दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
पीड़ित परिवार से मिलकर नेताओं ने न्याय दिलाने का दिया भरोसा
बक्सर. भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत का मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है. बुधवार को माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ बिलौटी पहुंचे, जहां उन्होंने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके परिजनों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई.
प्रतिनिधिमंडल में पालीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत सिंह कुशवाहा, माले नेता एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राजू यादव समेत कई नेता शामिल रहे. सभी ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया.
प्रतिनिधिमंडल ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया, जहां 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हुई थी. इसके बाद नेताओं ने जवईनिया गांव पहुंचकर बाढ़ से विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली. ग्रामीणों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भरत तिवारी विस्थापित परिवारों के अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे.
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों की अविलंब गिरफ्तारी तथा उनके विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. वहीं पूर्व विधायक डॉ. अजीत सिंह कुशवाहा ने कहा कि पीड़ित परिवार के न्याय की लड़ाई में वे हर स्तर पर साथ खड़े रहेंगे.
नेताओं ने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला अब केवल एक गांव या क्षेत्र का मुद्दा नहीं रह गया है. उनका कहना था कि भाजपा, कांग्रेस, जदयू, राजद और वामपंथी दलों सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है.
Buxar, Buxar | Jul 2, 2026