आदिवासी अपनी मूल पहचान परंपरा पूजा पद्धति से अलग होकर के अन्य धर्म में कन्वर्ट जो हो रहे हैं ,वह आदिवासी समाज के लिए सबसे बड़ा गंभीर विषय है, समाज के शुभचिंतकों को ध्यान आकर्षित करते हुए यह कहना चाहता हूं कि अपन सब अनेक प्रकार के सामाजिक सुधार हेतु सामाजिक संगठन बनाकर काम कर रहे हैं फिर भी हमारे लोगों का पलायन अन्य धर्म में जाने से रोक नहीं पा रहे हैं तो यह बड़ा चिंता का विषय है दुर्भाग्य है,इतने सारे आदिवासी समाज के नाम पर संगठन होने के बावजूद भी आदिवासी अपनी मूल पहचान को छोड़कर के अन्य धर्म में कन्वर्ट हो रहा है तो फिर आपकी हमारी और तमाम सामाजिक संगठनों का क्या महत्व रहा ,सबको अपने-अपने संगठनों और अपने आप को एनालाइज करने की सख्त जरूरत है तभी यह पलायन रूकेगा और कुछ ऐसे कड़े फैसले हर गांव गली में अब लेने का समय शायद आ चुका है -समाजसेविक दिनेश आहारी