कथा के दौरान पंडाल में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नृत्य करते हुए कथा का आनंद ले रहे थे। इस दौरान "श्रीमद्भागवत भगवान की जय" के जयकारे गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करना एक आध्यात्मिक अनुभव है जो मन को शुद्ध कर शांत करता है और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। यह कथा भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, ।