शिमला/हिमाचल। भाषा एवं संस्कृति विभाग, जिला शिमला द्वारा आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, अनाडेल में संस्कृत दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला शिमला के आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अनाडेल की प्रधानाचार्य नलीनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक भाषा है, जो हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्कृत भाषा को अपने जीवन में अपनाने और इसके संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया। मंच का संचालन स्कूल की अध्यापिका सरला कंवर ने किया।
समारोह के दौरान वरिष्ठ और कनिष्ठ दो वर्गों में भाषण प्रतियोगिता तथा श्लोक वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने धारा प्रवाह संस्कृत में भाषण देकर और श्लोकों का शुद्ध उच्चारण व भावपूर्ण वाचन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:
*क) वरिष्ठ वर्ग (भाषण प्रतियोगिता)*
प्रथम पुरस्कार : उर्वशी शर्मा, राजकीय उच्च वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला
द्वितीय पुरस्कार : रुचिका राजकीय उच्च विद्यालय कैथू
तृतीय पुरस्कार : महारानी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाडेल
(ख) कनिष्ठ वर्ग (भाषण प्रतियोगिता)
प्रथम पुरस्कार : सौम्या, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाडेल
द्वितीय पुरस्कार : अन्वी, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लक्कड़ बाजार
तृतीय पुरस्कार : यशिका ठाकुर, राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला
(ग) वरिष्ठ वर्ग (श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता)*
प्रथम पुरस्कार : रिद्धिमा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चियोग
द्वितीय पुरस्कार : शिवानी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बालूगंज
तृतीय पुरस्कार : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बनी
(घ) कनिष्ठ वर्ग (श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता)
प्रथम पुरस्कार : परिधि, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाडेल व, उर्वशी , राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला ने संयुक्त प्रथम स्थान प्राप्त किया,
द्वितीय पुरस्कार: मयंक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाडेल,
तृतीय पुरस्कार: काव्यांशी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बालूगंज
सभी विजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर निर्णायक मंडल के डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवन-दर्शन है। भारतीय ज्ञान परंपरा, आयुर्वेद, योग, दर्शन और साहित्य का मूल आधार संस्कृत ही है।
अंत में जिला भाषा अधिकारी, शिमला ने मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल के सदस्यों, अध्यापकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सफल आयोजन के लिए विद्यालय और विभाग के कर्मचारियों का विशेष धन्यवाद किया।
Ani, Kullu | Aug 27, 2026