आयुर्वेद के विद्यार्थी विषय के पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी समझें : प्रोफेसर सतीश गंधर्व
आयुर्वेद दिवस पर एनआईए में क्विज प्रतियोगिता में बीएएमएस विद्यार्थियों ने दिखाया दम
क्विज में नौ टीमों ने दिए झटपट जवाब और ढूंढे विकल्प
पंचकूला, 20 सितंबर: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला में 11वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में बीएएमएस विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में ‘विकल्प विज्ञान’, ‘आंखों देखी’, ‘झटपट जवाब’, ‘बूझो तो जानें’ और ‘आयुर्विज्ञान’ सहित विभिन्न चरणों में विद्यार्थियों ने पूरा उत्साह दिखाया।
आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वाधान में संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में आयोजित क्विज प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता और ज्ञान को बढ़ावा देना है।
डीन प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने दीप प्रज्वलन के साथ प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि आयुर्वेद के विद्यार्थी अपने विषय के पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी समझें और समाज के स्वास्थ्य संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। एनआईए की ओर से विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर ऐसे शैक्षणिक एवं सहभागितापूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
क्विज प्रतियोगिता की संयोजक एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गरिमा गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता में बीएएमएस विद्यार्थियों की नौ टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों के आयुर्वेद संबंधी ज्ञान, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम के रूप में बेहतर समन्वय का परिचय दिया।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आंकाक्षा राणा ने बताया कि क्विज प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में विद्यार्थियों को अलग-अलग प्रकार के प्रश्नों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। प्रतिभागियों ने प्रश्नों के उत्तर देते हुए न केवल अपने आयुर्वेद संबंधी ज्ञान का प्रदर्शन किया, बल्कि टीम के सदस्यों के साथ बेहतर तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता भी दिखाई।