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गया टाउन सीडी ब्लॉक: गया के इस्कॉन मंदिर में धूमधाम से मनाई गई राधाष्टमी, भक्तों को सोशल मीडिया से कराए गए दर्शन #राधाष्टमी #सोशल_मीडिया

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गया में रास्ते को लेकर बढ़ा विवाद: डीएम-एसडीओ से लगाई गुहार, दबंगई और जान से मारने की धमकी का आरोप

गया। गया जिले के मगध यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिदासपुर गांव में रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। मामले को लेकर गांव निवासी सुदामा कुमार ने जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित सुदामा कुमार ने अपने पड़ोसी मिथिलेश यादव, राजेश यादव और शिवकुमार यादव पर रास्ता बंद करने, दबंगई करने तथा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।

बुधवार को जिला प्रशासन को दिए गए आवेदन में पीड़ित सुदामा कुमार ने कहा कि उनके घर के बगल में रहने वाले मिथिलेश यादव, राजेश यादव एवं शिवकुमार यादव द्वारा वर्षों पुराने आने-जाने के रास्ते को जबरन बंद कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि खाता संख्या 234, प्लॉट संख्या 1090 तथा खाता संख्या 255, प्लॉट संख्या 1093 में उनका घर बना हुआ है। दोनों प्लॉटों के बीच करीब चार फीट चौड़ी गली है, जिसका उपयोग लंबे समय से परिवार और ग्रामीणों द्वारा आवागमन के लिए किया जाता रहा है। पीड़ित सुदामा कुमार का आरोप है कि उक्त गली पर तीनों लोगों ने कब्जा कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। जब उन्होंने रास्ता खोलने की मांग की तो उन्हें धमकाया गया और कहा गया कि यह जमीन उनकी है। जबकि उनके अनुसार यह जमीन पूर्वजों की खरीदी हुई संपत्ति का हिस्सा है और उक्त गली में दोनों पक्षों की बराबर हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि रास्ता बंद होने से उनके परिवार को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी बोधगया अंचलाधिकारी को आवेदन देकर शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी और एसडीओ से उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए न्याय की मांग की।
Samrat Choudhary 
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गया में रास्ते को लेकर बढ़ा विवाद: डीएम-एसडीओ से लगाई गुहार, दबंगई और जान से मारने की धमकी का आरोप गया। गया जिले के मगध यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिदासपुर गांव में रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया है। मामले को लेकर गांव निवासी सुदामा कुमार ने जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित सुदामा कुमार ने अपने पड़ोसी मिथिलेश यादव, राजेश यादव और शिवकुमार यादव पर रास्ता बंद करने, दबंगई करने तथा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। बुधवार को जिला प्रशासन को दिए गए आवेदन में पीड़ित सुदामा कुमार ने कहा कि उनके घर के बगल में रहने वाले मिथिलेश यादव, राजेश यादव एवं शिवकुमार यादव द्वारा वर्षों पुराने आने-जाने के रास्ते को जबरन बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि खाता संख्या 234, प्लॉट संख्या 1090 तथा खाता संख्या 255, प्लॉट संख्या 1093 में उनका घर बना हुआ है। दोनों प्लॉटों के बीच करीब चार फीट चौड़ी गली है, जिसका उपयोग लंबे समय से परिवार और ग्रामीणों द्वारा आवागमन के लिए किया जाता रहा है। पीड़ित सुदामा कुमार का आरोप है कि उक्त गली पर तीनों लोगों ने कब्जा कर रास्ता अवरुद्ध कर दिया है। जब उन्होंने रास्ता खोलने की मांग की तो उन्हें धमकाया गया और कहा गया कि यह जमीन उनकी है। जबकि उनके अनुसार यह जमीन पूर्वजों की खरीदी हुई संपत्ति का हिस्सा है और उक्त गली में दोनों पक्षों की बराबर हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि रास्ता बंद होने से उनके परिवार को रोजमर्रा के कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी बोधगया अंचलाधिकारी को आवेदन देकर शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी और एसडीओ से उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए न्याय की मांग की। Samrat Choudhary #gaya #bodhgayanews #बोधगया #bodhgayabihar #viralreelsシ #virulreelsvideo #viralreels #gayakepublic District Administration, GAYA GAYA Police Jitan Ram Manjhi

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 3, 2026

आवास योजना में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा: 10 हजार रुपये घूस लेते आवास सहायक गिरफ्तार, निगरानी की कार्रवाई से मचा हड़कंप

गया: प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभुकों से रिश्वत मांगने के आरोपों के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवादा जिले के मेसकोर प्रखंड में कार्यरत आवास सहायक को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय सहित जिले के विभिन्न सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मेसकोर प्रखंड के आवास सहायक धीरू कुमार चौधरी के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, मेसकोर प्रखंड निवासी धनंजय कुमार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक हैं। उन्होंने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि आवास योजना की तृतीय किस्त जारी करने के बदले आवास सहायक धीरू कुमार चौधरी उनसे 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रिश्वत दिए बिना योजना की अगली किस्त जारी नहीं की जा रही थी, जिससे उनका आवास निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया और पूरी रणनीति के तहत जाल बिछाया गया।
बुधवार को पटना से पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने मेसकोर प्रखंड कार्यालय के बाहर कार्रवाई करते हुए धीरू कुमार चौधरी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रुपये लिए, पहले से तैनात निगरानी अधिकारियों ने उसे दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को निगरानी विभाग की टीम अपने साथ गया लेकर पहुंची। गया जी शहर के सर्किट हाउस में आरोपी से संबंधित सभी कानूनी और विभागीय कागजी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके अलावा आरोपी का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। 

आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद निगरानी की टीम आरोपी को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई, जहां उससे आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले की जानकारी देते हुए निगरानी विभाग के डीएसपी मिथिलेश कुमार ने बताया कि धनंजय कुमार द्वारा विभाग को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया था कि आवास योजना की तृतीय किस्त जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत की सत्यता की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की गई और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। 

डीएसपी निगरानी मिथिलेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या पदाधिकारी किसी योजना का लाभ देने के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत निगरानी विभाग से करें। शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद नवादा जिले के सरकारी महकमे में चर्चा का माहौल है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन कुछ कर्मचारियों की भ्रष्ट कार्यशैली के कारण लाभुकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में निगरानी विभाग की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है, बल्कि आम लोगों में यह भरोसा भी मजबूत करती है कि रिश्वतखोरी करने वाले सरकारी कर्मियों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है।
निगरानी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
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आवास योजना में रिश्वतखोरी का बड़ा खुलासा: 10 हजार रुपये घूस लेते आवास सहायक गिरफ्तार, निगरानी की कार्रवाई से मचा हड़कंप गया: प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभुकों से रिश्वत मांगने के आरोपों के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवादा जिले के मेसकोर प्रखंड में कार्यरत आवास सहायक को 10 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद प्रखंड कार्यालय सहित जिले के विभिन्न सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मेसकोर प्रखंड के आवास सहायक धीरू कुमार चौधरी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मेसकोर प्रखंड निवासी धनंजय कुमार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक हैं। उन्होंने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि आवास योजना की तृतीय किस्त जारी करने के बदले आवास सहायक धीरू कुमार चौधरी उनसे 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रिश्वत दिए बिना योजना की अगली किस्त जारी नहीं की जा रही थी, जिससे उनका आवास निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गोपनीय जांच कराई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया और पूरी रणनीति के तहत जाल बिछाया गया। बुधवार को पटना से पहुंची निगरानी विभाग की टीम ने मेसकोर प्रखंड कार्यालय के बाहर कार्रवाई करते हुए धीरू कुमार चौधरी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रुपये लिए, पहले से तैनात निगरानी अधिकारियों ने उसे दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को निगरानी विभाग की टीम अपने साथ गया लेकर पहुंची। गया जी शहर के सर्किट हाउस में आरोपी से संबंधित सभी कानूनी और विभागीय कागजी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके अलावा आरोपी का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। आवश्यक कार्रवाई पूरी होने के बाद निगरानी की टीम आरोपी को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई, जहां उससे आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मामले की जानकारी देते हुए निगरानी विभाग के डीएसपी मिथिलेश कुमार ने बताया कि धनंजय कुमार द्वारा विभाग को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में कहा गया था कि आवास योजना की तृतीय किस्त जारी करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है। शिकायत की सत्यता की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की गई और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। डीएसपी निगरानी मिथिलेश कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या पदाधिकारी किसी योजना का लाभ देने के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत निगरानी विभाग से करें। शिकायत मिलने पर त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद नवादा जिले के सरकारी महकमे में चर्चा का माहौल है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन कुछ कर्मचारियों की भ्रष्ट कार्यशैली के कारण लाभुकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में निगरानी विभाग की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है, बल्कि आम लोगों में यह भरोसा भी मजबूत करती है कि रिश्वतखोरी करने वाले सरकारी कर्मियों के खिलाफ कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। निगरानी विभाग की इस बड़ी कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। #viralreels #निगरानी #NigraniVivak #gayakepublic #nawada_jila #nawadamakeupartist #viralreelsシ #virulreelsvideo

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 3, 2026

बिहार में शराब तस्करों पर बड़ा प्रहार: आमस पुलिस ने कंटेनर से पकड़ी 3042 लीटर अंग्रेजी शराब, राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार

गया: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर अवैध शराब की खेप राज्य में पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे ही एक बड़े तस्करी नेटवर्क पर गया जिले की आमस थाना पुलिस ने करारा प्रहार करते हुए भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने एक कंटेनर से कुल 3042 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

आमस थाना अध्यक्ष ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंटेनर के माध्यम से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बिहार में प्रवेश करने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस ने तत्काल विशेष जांच अभियान शुरू किया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की सघन जांच के दौरान संदिग्ध कंटेनर को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कंटेनर के भीतर बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी गई मिली।
जांच में सामने आया कि कंटेनर से इंपीरियल ब्लू ब्रांड की कुल 344 कार्टन शराब बरामद की गई है। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार बरामद शराब में 180 मिलीलीटर की 159 कार्टन, 375 मिलीलीटर की 97 कार्टन और 750 मिलीलीटर की 98 कार्टन शामिल हैं। सभी कार्टनों की गणना और जांच के बाद कुल शराब की मात्रा 3042 लीटर पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे हाल के दिनों की बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कंटेनर चालक महेंद्र कुमार और खलासी टिकमा राम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी राजस्थान के निवासी हैं। पुलिस फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में एक संगठित तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसके अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है।

थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप किस राज्य से लाई गई थी और बिहार के किस जिले अथवा क्षेत्र में इसकी आपूर्ति की जानी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस ने बरामद शराब और कंटेनर को जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार तस्करों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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बिहार में शराब तस्करों पर बड़ा प्रहार: आमस पुलिस ने कंटेनर से पकड़ी 3042 लीटर अंग्रेजी शराब, राजस्थान के दो तस्कर गिरफ्तार गया: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर अवैध शराब की खेप राज्य में पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे ही एक बड़े तस्करी नेटवर्क पर गया जिले की आमस थाना पुलिस ने करारा प्रहार करते हुए भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने एक कंटेनर से कुल 3042 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपी राजस्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। आमस थाना अध्यक्ष ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंटेनर के माध्यम से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बिहार में प्रवेश करने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस ने तत्काल विशेष जांच अभियान शुरू किया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की सघन जांच के दौरान संदिग्ध कंटेनर को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कंटेनर के भीतर बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी गई मिली। जांच में सामने आया कि कंटेनर से इंपीरियल ब्लू ब्रांड की कुल 344 कार्टन शराब बरामद की गई है। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार बरामद शराब में 180 मिलीलीटर की 159 कार्टन, 375 मिलीलीटर की 97 कार्टन और 750 मिलीलीटर की 98 कार्टन शामिल हैं। सभी कार्टनों की गणना और जांच के बाद कुल शराब की मात्रा 3042 लीटर पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा में शराब बरामद होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसे हाल के दिनों की बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कंटेनर चालक महेंद्र कुमार और खलासी टिकमा राम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी राजस्थान के निवासी हैं। पुलिस फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में एक संगठित तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसके अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप किस राज्य से लाई गई थी और बिहार के किस जिले अथवा क्षेत्र में इसकी आपूर्ति की जानी थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस तकनीकी और मानवीय दोनों स्तरों पर जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस ने बरामद शराब और कंटेनर को जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार तस्करों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। #gayakepublic. #gaya #viralreelsシ #sarabareilles #virulreelsvideo #viralreels #BiharNews

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 3, 2026

गया जी के अवर प्रादेशिक नियोजनालय केंदुई में रोजगार मेला,  क्या कुछ कह रही गया की रहने वाली युवती #viralreelsシ #gayakepublic #virulreelsvideo #viralreels #bodhgayanews

गया जी के अवर प्रादेशिक नियोजनालय केंदुई में रोजगार मेला, क्या कुछ कह रही गया की रहने वाली युवती #viralreelsシ #gayakepublic #virulreelsvideo #viralreels #bodhgayanews

Gaya Town CD Block, Gaya | Jun 3, 2026

गया, 03 जून 2026, राज्य सरकार के आदेश के आलोक में गया जिला में 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों- अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बाकेबजार, डुमरिया एवं मोहनपुर में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज सभी संबंधित अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारियों, मगध विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर,  नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं, सभी 7 प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों एवं अन्य के साथ इसकी तैयारियों की वृहत समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई तथा पदाधिकारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आपस में समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुदृढ़ व्यवस्था करने का निदेश दिया गया।
      जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’’ के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में 1 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसमें गया जिला के उपर्युक्त 7 प्रखंड भी शामिल है। आज इसकी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पूरे भव्य, उत्साह एवं उत्सवी माहौल में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू की जाएगी। 

जिलाधिकारी ने  कहा कि वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के संचालन हेतु अस्थायी तौर पर भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए आज संबंधित पदाधिकारी के साथ विस्तार से समीक्षा की गई है। ज़िला स्तरीय अपर समाहर्ता गण की अध्यक्षता में हर डिग्री कॉलेज के लिये कमिटी बनाया गया है, साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों के साथ भवनों का स्वयं निरीक्षण करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेजों के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पदाधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप फर्नीचर/उपस्कर, कम्प्यूटर, वाईफाई, अस्थायी संचालन हेतु चयनित भवनों की मरम्मति, रंग-रोगन, शुद्ध पेयजल, वाटर कूलर, आरओ, महिला एवं पुरूष के लिए अलग शौचालय, बिजली, प्रकाश, पंखा, कूलर, एसी, स्टेशनरी आइटम्स, कॉलेज आने के रास्ते को सुगम रखना, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई सहित अन्य सभी प्रबंध वित्तीय नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। पदाधिकारीगण इसे सुनिश्चित करें।  
    जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेज के स्थायी भवनों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। सरकार के निदेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ तथा नगर क्षेत्रों में न्यूनतम 2.5 एकड़ जमीन खोजने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।  
      जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।
   बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता आपदा, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
Bihar Education Department School Education Department,
Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar General Administration Department, Govt. of Bihar Samrat Choudhary Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar

गया, 03 जून 2026, राज्य सरकार के आदेश के आलोक में गया जिला में 1 जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 7 प्रखंडों- अतरी, नीमचक बथानी, कोच, मोहड़ा, बाकेबजार, डुमरिया एवं मोहनपुर में उत्सवी माहौल में डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। जिलाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर द्वारा आज सभी संबंधित अनुमंडलों के अनुमंडल पदाधिकारियों, मगध विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, नव-नियुक्त प्राचार्यों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, भवन, विद्युत, पीएचईडी, एलएईओ सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं, सभी 7 प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों एवं अन्य के साथ इसकी तैयारियों की वृहत समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई तथा पदाधिकारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए आपस में समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुदृढ़ व्यवस्था करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के चौथे निश्चय ‘‘उन्नत शिक्षा-उज्जवल भविष्य’’ के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सतत प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में 1 जुलाई से राज्य के डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू की जा रही है। इसमें गया जिला के उपर्युक्त 7 प्रखंड भी शामिल है। आज इसकी तैयारियों की समीक्षा की गई है। पूरे भव्य, उत्साह एवं उत्सवी माहौल में 1 जुलाई से पढ़ाई शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान में इन डिग्री कॉलेजों के संचालन हेतु अस्थायी तौर पर भवनों का चयन किया गया है। इन भवनों में सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए आज संबंधित पदाधिकारी के साथ विस्तार से समीक्षा की गई है। ज़िला स्तरीय अपर समाहर्ता गण की अध्यक्षता में हर डिग्री कॉलेज के लिये कमिटी बनाया गया है, साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षा विभाग के जिला में पदस्थापित पदाधिकारियों के साथ भवनों का स्वयं निरीक्षण करने का निदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेजों के सुचारू रूप से संचालन हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पदाधिकारियों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकता के अनुरूप फर्नीचर/उपस्कर, कम्प्यूटर, वाईफाई, अस्थायी संचालन हेतु चयनित भवनों की मरम्मति, रंग-रोगन, शुद्ध पेयजल, वाटर कूलर, आरओ, महिला एवं पुरूष के लिए अलग शौचालय, बिजली, प्रकाश, पंखा, कूलर, एसी, स्टेशनरी आइटम्स, कॉलेज आने के रास्ते को सुगम रखना, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई सहित अन्य सभी प्रबंध वित्तीय नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करते हुए करने का निदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। पदाधिकारीगण इसे सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने कहा कि इन डिग्री कॉलेज के स्थायी भवनों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समयबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है। सरकार के निदेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 5 एकड़ तथा नगर क्षेत्रों में न्यूनतम 2.5 एकड़ जमीन खोजने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध है। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता आपदा, अपर समाहर्ता राजस्व, अपर समाहर्ता विधि व्यवस्था, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, ज़िला शिक्षा पदाधिकारी, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। Bihar Education Department School Education Department, Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar General Administration Department, Govt. of Bihar Samrat Choudhary Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar

Gaya, Bihar | Jun 3, 2026