चंद शासको ने अंग्रेजो से कुमाऊँ पर दोबारा शासन करने की मांग की थी ✅
1790 के समय नेपाल की गोरखा सेना ने कुमाऊं की पहाड़ियों पर आक्रमण किया, चंद राजा महेंद्र सिंह और उनके चाचा लाल सिंह ने अपने क्षेत्र की रक्षा की, लेकिन अंततः हवालबाग की लड़ाई में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद गोरखाओ ने शाही परिवार को पदच्युत कर दिया गया और चंदो को शरण लेने के लिए रोहिलखंड के मैदानों और तराई क्षेत्रों में भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
जब अंग्रेजो ने 1816 में Anglo Nepalese war में गोरखाओ को बूरी तरह हराया तो पंवार शासक सुदर्शनशाह के कहने से उन्होंने गढ़वाल का एक क्षेत्र टिहरी रियासत राज्य करने के लिए दिया लेकिन Administrative power सिर्फ अंग्रेजो के पास थी..यह सब देखकर कुमाऊँ के निर्वासित चंद शासक महेंद्र चंद को उम्मीद जगी कि शायद अब उन्हें भी अपना पुराना राज्य वापस मिल सके। उन्होंने अंग्रेजों से कुमाऊँ में दोबारा शासन करने की अनुमति मांगी, लेकिन अंग्रेजों ने उनका अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
British East India Company और अन्य अंग्रेज अधिकारियों ने निर्वासित शाही परिवार को तराई क्षेत्र में कुछ भूमि और संपत्ति रखने की व्यवस्था की, जिससे वे अपना जीवन-यापन कर सकें। कहा जाता है कि महेंद्र चंद पहले रुद्रपुर में रहे और बाद में किलपुरी चले गए।
लेकिन सत्ता चली जाने के बाद भी परिवार के भीतर संपत्ति और पैतृक अधिकारों को लेकर विवाद समाप्त नहीं हुए। जैसे-जैसे चंद परिवार मैदानी इलाकों में बसता गया, वैसे-वैसे जागीरों, पैतृक संपत्तियों और ब्रिटिश अनुदानों पर अधिकार को लेकर परिवार की अलग-अलग शाखाओं के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने लगी।
ब्रिटिश सरकार ने महेंद्र चंद के गुजर जाने के बाद उनके बेटे कुंवर प्रताप सिंह को 1820 में 250 रुपये (5 लाख) की मासिक पेंशन प्रदान की। कुंवर प्रताप सिंह ने बाजपुर क्षेत्र पर अपने पैतृक परदादा बाज बहादुर चंद के नाम से दावा किया, लेकिन colonial administration ने इस दावे को भी अस्वीकार कर दिया..Lal Singh ने चंद परिवार की प्रमुख जागीरों पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा और अंततः काशीपुर जागीर के नाम से जानी जाने वाली संपत्ति को बनाया.
Kashipur Estate में ही आखिरी बचे चंदो का समय बीता..1828 में लाल सिंह के बेटे Guman Singh को Kashipur का पहला राजा बनाते है. Guman Singh के बाद जितने भी चंद राजा उत्तराखंड के काशीपुर में रहे उनके बारे में आप फोटो में देखकर पढ़ सकते है.
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