कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), कुकुमसेरी, जिला लाहौल-स्पीति में इफको हिमाचल प्रदेश एवं केवीके कुकुमसेरी के संयुक्त तत्वावधान में “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग 100 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इफको हिमाचल प्रदेश के राज्य प्रमुख डॉ. सुधीर सिंह कटियार थे। उन्होंने किसानों को इफको के नैनो उर्वरकों के महत्व एवं उनके वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी। डॉ. कटियार ने बताया कि नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग 4 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से फोलियर स्प्रे के रूप में किया जा सकता है, जिससे पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त होते हैं। उन्होंने किसानों को सागरिका एवं जैव उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए प्रेरित किया।
केवीके कुकुमसेरी के प्रभारी डॉ. सुभाष ने किसानों को मृदा परीक्षण (सॉयल टेस्टिंग) के महत्व तथा समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने से उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल उत्पादकता में वृद्धि होती है।
इफको के क्षेत्रीय अधिकारी रोहित गलोटिया ने किसानों को इफको के जल में घुलनशील उर्वरकों (WSF), नैनो कॉपर तथा नैनो जिंक के लाभ एवं उनके उपयोग की विधि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों के संतुलित उपयोग से फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन में सुधार होता है तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को प्रभावी रूप से दूर किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विभिन्न कृषि विषयों पर अपने प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। अंत में ग्राम पंचायत के प्रधान ने किसानों के हित में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए इफको एवं कृषि विज्ञान केंद्र का आभार व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा
Kullu, Kullu | Jun 25, 2026