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#lahulsptiti रोहतांग पास जाने के लिए परमिट अनिवार्य, बिना परमिट प्रवेश नहीं होगा कोकसर की तरफ से रोहतांग जाने के लिए भी परमिट अनिवार्य: जिला पर्यटन विकास अधिकारी देसी चैनल कुल्लू /केलांग, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, लाहौल-स्पीति कुनिका एकर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि कोकसर से रोहतांग पास की ओर जाने के इच्छुक पर्यटकों एवं आम नागरिकों के लिए परमिट प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि राष्टीय हरित प्राधिकरण द्वारा रोहतांग पास जाने वाले वाहनों की प्रतिदिन संख्या 1200 निर्धारित की गई है, जिसका सभी पर्यटकों एवं वाहन चालकों को पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए रोहतांग पास जाने के लिए निर्धारित संख्या के अनुसार ही वाहनों को अनुमति प्रदान की जा रही है। ऐसे में बिना वैध परमिट के किसी भी वाहन को रोहतांग पास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कुनिका एकर्स ने कहा कि यदि कोई पर्यटक या आमजन बिना परमिट के कोकसर अथवा गुलाबा की ओर से रोहतांग पास जाने का प्रयास करता है, तो उसे संबंधित पुलिस चेक पोस्ट पर ही रोक दिया जाएगा। इससे यात्रियों को अनावश्यक असुविधा और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सभी पर्यटकों एवं वाहन चालकों से आग्रह किया कि वे अपनी यात्रा की पूर्व योजना बनाते हुए निर्धारित वेबसाइट www.rohtangpermits.hp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर परमिट प्राप्त करें। परमिट जारी होने के उपरांत ही रोहतांग पास की यात्रा के लिए प्रस्थान करें। जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन परमिट प्रणाली का उद्देश्य पर्यटकों को सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुविधा प्रदान करना तथा रोहतांग क्षेत्र में वाहनों की संख्या को नियंत्रित रखना है। उन्होंने सभी आगंतुकों से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। केलांग से रंजीत लाहौली रिपोर्टिं देसी चैनल कुल्लू देसी चैनल कुल्लू देसी चैनल देवभूमि कुल्लू

Kullu, Kullu | Jun 8, 2026

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📰 ABN NEWS | पल्लवी ठाकुर, कुल्लू

राज्यीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला पनगां बना संस्कृति और शिक्षा का अनोखा संगम

कुल्लू जिला के राज्यीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला पनगां में शिक्षा के साथ-साथ हिमाचली संस्कृति और मातृभाषा को सहेजने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय के समर्पित गुरुजन बच्चों को हिंदी, अंग्रेज़ी के साथ-साथ कुल्लवी बोली में भी ज्ञान प्रदान कर रहे हैं, जिससे बच्चे अपनी जड़ों और लोक संस्कृति से जुड़े रह सकें।

विद्यालय में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें हिमाचल की समृद्ध परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी परिचित करवाया जा रहा है। इस पहल से बच्चों में अपनी मातृभाषा और लोक संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित हो रही है।

विद्यालय के शिक्षकों का मानना है कि अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ा बच्चा ही समाज और देश के लिए मजबूत नींव तैयार करता है। 

इस प्रेरणादायक कार्य के लिए विशेष रूप से Lal Chand Sir का आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने कुल्लवी संस्कृति को संजोने और बच्चों को अपनी पहचान से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आगामी वीडियो में बच्चों द्वारा कुल्लवी बोली में प्रतिज्ञा और कुल्लवी भाषा में संवाद भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से और अधिक जुड़ सके।

✨ अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपनी पहचान को संजोना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है।

                

#ABNNEWS #PallaviThakur #Kullu #HimachalPradesh #HimachalNews #PahadiCulture #KulviCulture #Matribhasha #HimachaliCulture #Education #SchoolEducation #IndianCulture #DevbhoomiHimachal #KulluValley #VocalForLocal #Pahadi #CultureOfHimachal #GovernmentSchool #InspirationalTeachers #HindiNews #BreakingNews #ViralVideo #TraditionalValues #Students #KulviBoli #Pangan #HimachalUpdates #IndianNewsChannel #ProudHimachali #Ishitapundeer

📰 ABN NEWS | पल्लवी ठाकुर, कुल्लू राज्यीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला पनगां बना संस्कृति और शिक्षा का अनोखा संगम कुल्लू जिला के राज्यीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला पनगां में शिक्षा के साथ-साथ हिमाचली संस्कृति और मातृभाषा को सहेजने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। विद्यालय के समर्पित गुरुजन बच्चों को हिंदी, अंग्रेज़ी के साथ-साथ कुल्लवी बोली में भी ज्ञान प्रदान कर रहे हैं, जिससे बच्चे अपनी जड़ों और लोक संस्कृति से जुड़े रह सकें। विद्यालय में बच्चों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जा रही, बल्कि उन्हें हिमाचल की समृद्ध परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से भी परिचित करवाया जा रहा है। इस पहल से बच्चों में अपनी मातृभाषा और लोक संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित हो रही है। विद्यालय के शिक्षकों का मानना है कि अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ा बच्चा ही समाज और देश के लिए मजबूत नींव तैयार करता है। इस प्रेरणादायक कार्य के लिए विशेष रूप से Lal Chand Sir का आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने कुल्लवी संस्कृति को संजोने और बच्चों को अपनी पहचान से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आगामी वीडियो में बच्चों द्वारा कुल्लवी बोली में प्रतिज्ञा और कुल्लवी भाषा में संवाद भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से और अधिक जुड़ सके। ✨ अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और अपनी पहचान को संजोना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है। #ABNNEWS #PallaviThakur #Kullu #HimachalPradesh #HimachalNews #PahadiCulture #KulviCulture #Matribhasha #HimachaliCulture #Education #SchoolEducation #IndianCulture #DevbhoomiHimachal #KulluValley #VocalForLocal #Pahadi #CultureOfHimachal #GovernmentSchool #InspirationalTeachers #HindiNews #BreakingNews #ViralVideo #TraditionalValues #Students #KulviBoli #Pangan #HimachalUpdates #IndianNewsChannel #ProudHimachali #Ishitapundeer

Kullu, Kullu | Jun 9, 2026

🙏 जय महाकाल पझारी 🙏❤️
इसमें आप प्रभु की 2016 व 2026 में हुई आनी देउली का दिव्य स्वरूप देख सकते हैं।
ये केवल देउली ही नहीं, बल्कि प्रभु के प्रति निष्भाव प्रेम और अटूट भक्ति का जीता-जागता प्रमाण है।

लगभग 51 किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद जब प्रभु आनी पहुंचे, तो मानो पूरा आनी भक्तिमय हो गया। हर ओर ढोल-नगाड़ों की गूंज और प्रभु के जयकारे सुनाई देने लगे। प्रभु के सुंदर और दिव्य स्वरूप ने हर किसी का मन मोह लिया।

भक्तों के इस निष्काम प्रेम को देखकर प्रभु इतने प्रसन्न हुए कि 2026 में ही नहीं, बल्कि 2016 में भी देवता जी ने मेहरू देवी जी के घर से वापस जाने से साफ मना कर दिया था। यह अपने आप में एक अद्भुत और दिव्य संकेत है, जो दर्शाता है कि जहां सच्ची श्रद्धा और भक्ति होती है, वहां प्रभु स्वयं विराजमान होते हैं।

इनकी भक्ति और प्रभु के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। यह प्रमाण है कि जिसने भी सच्चे हृदय से प्रभु को माना है, उसे प्रभु का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है — और उसके साक्षात प्रमाण आप यहां देख सकते हैं।

🙏 जय महाकाल पझारी 🙏❤️

🙏 जय महाकाल पझारी 🙏❤️ इसमें आप प्रभु की 2016 व 2026 में हुई आनी देउली का दिव्य स्वरूप देख सकते हैं। ये केवल देउली ही नहीं, बल्कि प्रभु के प्रति निष्भाव प्रेम और अटूट भक्ति का जीता-जागता प्रमाण है। लगभग 51 किलोमीटर का लंबा सफर तय करने के बाद जब प्रभु आनी पहुंचे, तो मानो पूरा आनी भक्तिमय हो गया। हर ओर ढोल-नगाड़ों की गूंज और प्रभु के जयकारे सुनाई देने लगे। प्रभु के सुंदर और दिव्य स्वरूप ने हर किसी का मन मोह लिया। भक्तों के इस निष्काम प्रेम को देखकर प्रभु इतने प्रसन्न हुए कि 2026 में ही नहीं, बल्कि 2016 में भी देवता जी ने मेहरू देवी जी के घर से वापस जाने से साफ मना कर दिया था। यह अपने आप में एक अद्भुत और दिव्य संकेत है, जो दर्शाता है कि जहां सच्ची श्रद्धा और भक्ति होती है, वहां प्रभु स्वयं विराजमान होते हैं। इनकी भक्ति और प्रभु के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। यह प्रमाण है कि जिसने भी सच्चे हृदय से प्रभु को माना है, उसे प्रभु का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त होता है — और उसके साक्षात प्रमाण आप यहां देख सकते हैं। 🙏 जय महाकाल पझारी 🙏❤️

Kullu, Kullu | Jun 9, 2026

देव सदन कुल्लू में आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों का राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण आयोजित

Kullu Times 

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा सोमवार को देव सदन कुल्लू में आधार नामांकन एवं अद्यतन ऑपरेटरों तथा पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के निदेशक जगदीश कुमार ने किया।
इस अवसर पर डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग, हिमाचल प्रदेश के प्रबंधक चंदन परमार ने प्रतिभागियों को नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ समाधान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
 उन्होंने विद्यालयों में मोबाइल बायोमिट्रिक अपडेट (एमबीयू) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी बल दिया।
प्रशिक्षण का संचालन यूआईडीएआई मुख्यालय से आए अनिल शर्मा ने किया। इसके अलावा राज्य परियोजना प्रबंधक विजय एस. सिंह तथा अभिषेक कुमार ने प्रतिभागियों को आधार नामांकन एवं अद्यतन प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं विभागों से लगभग 95 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग, शिक्षा विभाग, बीएसएनएल तथा डाक विभाग के आधार ऑपरेटर और पर्यवेक्षक शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान आधार नामांकन एवं अद्यतन प्रणाली, नियमों, प्रक्रियाओं, सेवा मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभागियों को डाटा की शुद्धता, गोपनीयता बनाए रखने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के संबंध में भी प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षण सत्र में संवादात्मक चर्चाओं, तकनीकी प्रदर्शनों तथा वास्तविक मामलों के अध्ययन के माध्यम से प्रतिभागियों की कार्यकुशलता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। यूआईडीएआई की यह पहल आधार सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और दक्षता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।,

देव सदन कुल्लू में आधार ऑपरेटरों और पर्यवेक्षकों का राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण आयोजित Kullu Times भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा सोमवार को देव सदन कुल्लू में आधार नामांकन एवं अद्यतन ऑपरेटरों तथा पर्यवेक्षकों के लिए एक दिवसीय राज्य स्तरीय मेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के निदेशक जगदीश कुमार ने किया। इस अवसर पर डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग, हिमाचल प्रदेश के प्रबंधक चंदन परमार ने प्रतिभागियों को नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ समाधान सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यालयों में मोबाइल बायोमिट्रिक अपडेट (एमबीयू) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर भी बल दिया। प्रशिक्षण का संचालन यूआईडीएआई मुख्यालय से आए अनिल शर्मा ने किया। इसके अलावा राज्य परियोजना प्रबंधक विजय एस. सिंह तथा अभिषेक कुमार ने प्रतिभागियों को आधार नामांकन एवं अद्यतन प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं विभागों से लगभग 95 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें डिजिटल टेक्नोलॉजी एवं गवर्नेंस विभाग, शिक्षा विभाग, बीएसएनएल तथा डाक विभाग के आधार ऑपरेटर और पर्यवेक्षक शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान आधार नामांकन एवं अद्यतन प्रणाली, नियमों, प्रक्रियाओं, सेवा मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही प्रतिभागियों को डाटा की शुद्धता, गोपनीयता बनाए रखने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के संबंध में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण सत्र में संवादात्मक चर्चाओं, तकनीकी प्रदर्शनों तथा वास्तविक मामलों के अध्ययन के माध्यम से प्रतिभागियों की कार्यकुशलता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। यूआईडीएआई की यह पहल आधार सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और दक्षता को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।,

Kullu, Kullu | Jun 8, 2026

#lahulsptiti रोहतांग पास जाने के लिए परमिट अनिवार्य, बिना परमिट प्रवेश नहीं होगा कोकसर की तरफ से रोहतांग जाने के लिए भी परमिट अनिवार्य: जिला पर्यटन विकास अधिकारी देसी चैनल कुल्लू /केलांग, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, लाहौल-स्पीति कुनिका एकर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि कोकसर से रोहतांग पास की ओर जाने के इच्छुक पर्यटकों एवं आम नागरिकों के लिए परमिट प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि राष्टीय हरित प्राधिकरण द्वारा रोहतांग पास जाने वाले वाहनों की प्रतिदिन संख्या 1200 निर्धारित की गई है, जिसका सभी पर्यटकों एवं वाहन चालकों को पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए रोहतांग पास जाने के लिए निर्धारित संख्या के अनुसार ही वाहनों को अनुमति प्रदान की जा रही है। ऐसे में बिना वैध परमिट के किसी भी वाहन को रोहतांग पास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कुनिका एकर्स ने कहा कि यदि कोई पर्यटक या आमजन बिना परमिट के कोकसर अथवा गुलाबा की ओर से रोहतांग पास जाने का प्रयास करता है, तो उसे संबंधित पुलिस चेक पोस्ट पर ही रोक दिया जाएगा। इससे यात्रियों को अनावश्यक असुविधा और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सभी पर्यटकों एवं वाहन चालकों से आग्रह किया कि वे अपनी यात्रा की पूर्व योजना बनाते हुए निर्धारित वेबसाइट www.rohtangpermits.hp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर परमिट प्राप्त करें। परमिट जारी होने के उपरांत ही रोहतांग पास की यात्रा के लिए प्रस्थान करें। जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन परमिट प्रणाली का उद्देश्य पर्यटकों को सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुविधा प्रदान करना तथा रोहतांग क्षेत्र में वाहनों की संख्या को नियंत्रित रखना है। उन्होंने सभी आगंतुकों से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। केलांग से रंजीत लाहौली रिपोर्टिं देसी चैनल कुल्लू देसी चैनल कुल्लू देसी चैनल देवभूमि कुल्लू - Kullu News