नन्ही भव्या को मिला नया परिवार, डीएम ने बेंगलुरु के दंपत्ति को सौंपा दत्तक अधिकार,
शिवहर। जिले के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में शुक्रवार को भावुक और खुशी भरा माहौल देखने को मिला, जब संस्थागत नाम 'भव्या' की फाइनल एडॉप्शन (दत्तक ग्रहण) प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने बच्ची को कानूनी रूप से बेंगलुरु निवासी दंपत्ति पंकज प्रसून एवं गुंजा कुमारी को सौंप दिया। अपनी नन्ही बेटी को गोद में लेते ही दंपत्ति भावुक हो उठा और पूरे परिसर में खुशी का माहौल बन गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी ने दंपत्ति को बधाई देते हुए कहा कि किसी बच्चे को गोद लेना केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस कदम से बच्ची को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और खुशहाल पारिवारिक वातावरण मिलेगा, जिससे उसका भविष्य उज्ज्वल बनेगा।
सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई शुभांगी सिंह ने बताया कि दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत संपन्न की गई। दत्तक माता-पिता के मेडिकल जांच प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता, पहचान पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई थी।
उन्होंने बताया कि फाइनल एडॉप्शन से पहले बच्ची को दो माह की प्री-एडॉप्शन अवधि के लिए दंपत्ति को सौंपा गया था। इस दौरान परिवार और बच्ची के बीच सामंजस्य तथा देखभाल की स्थिति का मूल्यांकन किया गया। सभी मानकों पर संतोषजनक पाए जाने के बाद फाइनल एडॉप्शन की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को स्थायी रूप से उनके परिवार का सदस्य बना दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी-कर्मी, विशेष कार्य पदाधिकारी तथा विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान के कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने दंपत्ति को नई जिम्मेदारी और नन्ही भव्या को नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।