₹14 हजार का चालान… और एक गरीब की बेबसी? 😢
औरैया के दिबियापुर में फफूंद चौराहे पर एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
ई-रिक्शा चालक अंकित का आरोप है कि पत्नी की दवा लेने जाते समय उसका ₹14 हजार का चालान हो गया। अंकित का कहना है कि वह पूरे दिन मेहनत करके करीब ₹500 कमाता है। ऐसे में इतनी बड़ी राशि उसके लिए किसी पहाड़ से कम नहीं।
चालान की चिंता और आर्थिक मजबूरी से परेशान अंकित सड़क पर ही लेटकर रोने लगा। उसकी बेबसी देखकर लोग भी रुक गए और करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
मामले में पुलिस की कार्रवाई अपने नियमों और प्रक्रिया के तहत हो सकती है, लेकिन इस घटना ने एक बड़ा मानवीय सवाल जरूर खड़ा किया है—क्या किसी गरीब वाहन चालक की आर्थिक स्थिति और उसकी मजबूरी को भी सुना जा सकता है?
कानून अपनी जगह है… लेकिन किसी मजबूर इंसान की आंखों के आंसू भी अपनी कहानी कहते हैं। 💔
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