#जाट_आरक्षण_मामला..
भरतपुर। पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिलाने की वैधानिक प्रक्रिया को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि साल 2018 में 102वें संविधान संशोधन के तहत केंद्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को पूर्ण संवैधानिक दर्जा मिलने के बाद अब आरक्षण की प्रक्रिया काफी बदल चुकी है। राज्य सरकार पहले ही इस आरक्षण की सिफारिश केंद्र को भेज चुकी है, और अब आंकड़ों व तथ्यों के आधार पर केंद्र सरकार के सामने मजबूती से पक्ष रखने की जरूरत है। विश्वेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर किसी एक राजनीतिक बैनर के तले सफलता नहीं मिल सकती, इसलिए सभी को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर गैर-राजनीतिक तरीके से एकजुट होना होगा। उन्होंने जल्द ही बुजुर्गों और युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ स्थानीय निवासी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस मामले में पुरजोर मदद की अपील करने की बात भी कही है। गौरतलब है कि आगामी 22 जून को भरतपुर के नुमाइश मैदान में जाट आरक्षण को लेकर एक हुंकार सभा का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी शामिल होंगे। इसी सभा की तैयारियों के बीच पूर्व मंत्री ने समाज को जागरूक करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव के दो पत्र भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं।